बुधवार को धूप नहीं निकली,हल्की बूंदाबांदी का क्रम चलता रहा। संवाद
- फोटो : बुधवार को धूप नहीं निकली,हल्की बूंदाबांदी का क्रम चलता रहा। संवाद
फिरोजाबाद। जिले में मौसम का मिजाज बुधवार को बदल गया। दिनभर आसमान में घटाएं छाईं रहीं और हल्की बूंदाबांदी हुई। सर्द हवा के कारण लोगों को ठिठुरन का अहसास हुआ। न्यूनतम तापमान 14.1 और अधिकतम 26.5 रहा। मौसम के इस रुख ने आलू और गेहूं की पैदावार करने वाले किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
इन दिनों जिले में आलू की खुदाई का काम जोरों पर है। किसान फसल को खेतों से निकालकर कोल्ड स्टोरेज भेजने की तैयारी में जुटे हैं। कोल्ड स्टोरेज संचालक करुणा निधि गर्ग उर्फ पंकज ने बताया कि यदि बारिश तेज होती है, तो खुदाई रुक जाएगी, जिससे आलू का भंडारण समय पर शुरू नहीं हो सकेगा।
किसान वीरेंद्र सिंह के अनुसार, अगर खेतों में पानी भर गया तो आलू के सड़ने की संभावना बढ़ जाएगी, जिससे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
गेहूं की फसल को हो सकता है नुकसान
सिर्फ आलू ही नहीं, गेहूं की फसल बोने वाले किसान भी सहमे हुए हैं। किसानों का मानना है कि यदि बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं, तो तैयार खड़ी गेहूं की फसल खेतों में बिछ जाएगी। इससे दाना काला पड़ सकता है और पैदावार में भारी कमी आ सकती है।
कृषि वैज्ञानिक ने दो दिन और मौसम खराब रहने की आशंका जताई
केवीके के कृषि वैज्ञानिक डॉ. ओमकार सिंह यादव का कहना है कि 19 और 20 फरवरी को भी आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे। हालांकि, उन्होंने राहत की बात यह कही कि भारी बारिश की संभावना काफी कम है, जिससे किसानों को बहुत ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है।