बरसात से शुक्रवार को शहर में लोगों की दिक्कतें बढ़ गई। द्वारिकापुरी में तीन मकानों की दीवार गिर गई, तो कई घरों में पानी भर गया। घरों से निकली महिलाएं, पुरुष और युवा बोधाश्रम चौराहा और महादेव नगर की पुलिया पर जाम लगा दिया। यातायात व्यवस्था बाधित हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस से लोगों को झड़प भी हुई। अधिकारियों के न पहुंचने पर द्वारिकापुरी के लोगों ने रामगढ़ थानाध्यक्ष को करीब एक घंटे तक रोके रखा।
बरसात से शुक्रवार को नई आबादी द्वारिकापुरी के साथ नई आबादी वाले तमाम मोहल्लों में खासा जलभराव हो गया। खाली प्लाटों के साथ घरों की ओर जाने वाले कच्चे और पक्के रास्तों के साथ घरों के अंदर पानी भर गया। लोग घरों में कैद हो गए। निगम की अनदेखी से द्वारिकापुरी में निवास करने वाले लोगों में आक्रोश फैल गया। महिलाएं, पुरुष और युवाओं ने बाईपास मार्ग स्थित महादेव नगर की पुलिया पर बिजली का पोल डालकर जाम लगा दिया। इससे शिकोहाबाद और टूंडला की ओर से आने वाले वाहनों की कतारें बाईपास मार्ग पर लग गई। सूचना पर रामगढ़ थानाध्यक्ष प्रवेश कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन महिलाएं और पुरुष नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बाईपास मार्ग पर डटे रहे। जाम खुलता न देख एसओ रामगढ़ ने पुलिस अधिकारियों को अवगत करा निगम अधिकारियों को फोन कर मौके पर बुलाने का प्रयास किया, लेकिन किसी भी नगर निगम के अधिकारी ने फोन तक नहीं उठाया। इस पर लोगों का आक्रोश भड़क गया। पुलिस ने लोगों को आश्वासन दिया कि जब तक नगर निगम के अधिकारी मौके पर नहीं आते हम नहीं जाएंगे। पुलिस की बात पर लोग सहमत हो गए और जाम खोल दिया। जाम खुलने के करीब एक घंटे बाद अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार और क्षेत्रीय जेई मौके पर पहुंचे। उन्होंने दो ट्राली लगवाकर क्षेत्र में भरे पानी को निकलवाने का काम शुरू कराया। इसके बाद लोग शांत हुए और पुलिस थाने लौटी। वहीं बोधाश्रम चौराहा पर नगरायुक्त रामौतार रमन के पहुंचने के बाद लोगों ने जाम खोला।
बरसात से गिरी दीवार और पड़ी दरारें
शुक्रवार को बरसात से द्वारिकापुरी निवासी गुड्डू के मकान की दीवार भरभरा कर पानी में पलट गई। वहीं विनोद कुशवाहा और अन्य लोगों के मकान में दीवारों में दरारें पड़ गई। इसके चलते लोग रात को ही परिवारीजन बच्चों सहित घरों से बाहर रोड पर आ गए।
जाम में फंसे पुलिस के वाहन
महादेव नगर की पुलिया पर जाम लगाकर खड़े लोगों के आक्रोश का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उन्होंने जिला जेल से बंदियों को न्यायालय लाने वाले वाहनों तक को नहीं निकलने दिया। इन वाहनों में बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों के साथ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, जो करीब एक घंटे तक आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास करते रहे। लेकिन आक्रोशित लोग उनकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं थे।
बोली जनता, होती नाले की सफाई तो नहीं होता जलभराव
महादेव नगर नाले की सफाई के नाम पर अधिकारियों ने केवल खानापूर्ति की। इसके चलते क्षेत्र में जलभराव की समस्या हुई। यदि सही तरीके से सफाई कराई जाती तो यह समस्या नहीं होती।
मीरा देवी, द्वारिकापुरी
जलभराव की समस्या को लेकर क्षेत्रीय लोग डीएम से मिले थे। उन्होंने नगरायुक्त को जांच कर समस्या के निस्तारण के लिए आदेश दिए थे। इसके बाद भी नगर निगम की टीम क्षेत्र को देखने के लिए नहीं आई। इसको लेकर लोगों में आक्रोश फैला।
नेमा देवी
बरसात ने डाली शादी वाले परिवार में खलल
महादेव नगर में नाले के समीप रहने वाले सरलकांत की बेटी की बरात शुक्रवार सुबह विदा हो गई। इसके बाद रिश्तेदार रुके थे। बरसात से रिश्तेदारों को बचाने के लिए सरल कांत के घर में जगह नहीं बची। बारिश में तलघर में पानी कमर तक भर गया था। ऐसे में सरलकांत के साथ उनके रिश्तेदार भी रात भर दूसरों के मकान में शरण पाने के लिए विवश हुए।