होली के हुड़दंग के बाद गुरुवार को वाटर वर्क्स प्रांगण में कंस मेले का आयोजन किया गया। मोहल्ला दुली स्थित मंदिर श्री राधामोहन से कृष्ण एवं बलराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। वाटरवर्क्स प्रांगण में ग्वाल बालों के साथ कंस वध करने के बाद श्रीकृष्ण का डोला लौटा। मेले में बच्चों ने खेल तमाशे एवं झूलों का आनंद लिया।
होली की पड़वा पर आयोजित होने वाले कंस मेले की तैयारी नगर निगम प्रशासन की ओर से पहले से कर ली गई थी। दोपहर से मेले में झूलों के साथ ही चाट-पकौड़ी वालों की दुकानें सज गई। शाम चार बजे से मेले का लुत्फ उठाने के लिए बच्चों की टोलियां अपने अभिभावकों के साथ पहुंचने लगीं। इधर, मंदिर श्री राधामोहन जी महाराज प्रांगण ने कृष्ण एवं बलराम के डोले की शुरूआत समाजसेवी एवं उद्यमी पीके झिंदल ने आरती उतारकर एवं माल्यार्पण कर किया।
डोला चौबान मुहल्ला, छतरी वाला कुंआ, इमामबाड़ा, घंटाघर, सदर बाजार, सिनेमा चौराहा, छिंगामल का बाग होते हुए डोला गोशाला पहुंचा। यहां गोशाला समिति के प्रेमनारायन द्विवेदी, द्विजेंद्र मोहन शर्मा, राकेश शर्मा, उमाकांत पचौरी, सुनील वशिष्ठ, सुरेंद्र नागर, विद्याराम राजौरिया, रामबाबू बघेल राजेश आदि मौजूद रहे। इसके बाद डोला गांधी पार्क चौराहा, नगर निगम के सामने से होते हुए वाटर वर्क्स प्रांगण स्थित मेला स्थल पर पहुंचा। यहां श्रीकृष्ण ने कंस का वध किया और ग्वाल बालों ने विशालकाय कंस के पुतले को तहस-नहस किया इसके बाद आग के हवाले कर दिया। इससे आकर्षक आतिशबाजी का नजारा देखने को मिला।
इस दौरान रामलीला कमेटी अध्यक्ष एवं एमएलसी डा. दिलीप यादव, आरपी सिंह यादव, उमेश यादव, श्याम सिंह यादव, प्रदीप दीक्षित कल्लू, हरिओम वर्मा, प्रभात कुमार नगीना, नीतेश अग्रवाल जैन, मनोज यादव आदि मौजूद रहे। कंस वध के साथ डोला उसी मार्ग से होते हुए राधामोहन जी महाराज मंदिर पहुंचकर समाप्त हुआ।