महावीर नगर क्षेत्र में पानी के समस्या से जूझती क्षेत्रीय लोगों की भीड़ टैंकर से पानी भरते हुए
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। गर्मी के दिनों में सुहाग नगरी के लोगों को पानी के लिए बेहद परेशान होना पड़ता है। जेडाझाल परियोजना के तहत सैलई पर बनाए गए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की तीन में से दो मोटर खराब हैं। इस वजह से न तो शहर की टंकियां पूरी भर पा रही हैं और न ही सीडब्लूआर (सेंटर वाटर रिसोर्स) भर पा रहे हैं। सुबह छह से सात बजे तक मिलने वाले गंगाजल की सप्लाई में करीब आधा घंटे की कटौती कर दी गई है। शाम चार बजे आधा घंटे मिलने वाली सप्लाई भी दस से 15 मिनट ही मिल पा रही है।
नगर निगम की सीमा में रहने वाली करीब साढ़े सात लाख की आबादी को रोजाना करीब 90 एमएलडी पानी की जरूरत होती है। जल निगम शहर को 60 एमएलडी पानी ही मुहैया करा पा रहा है। 30 एमएलडी पानी की पूर्ति के लिए जलकल विभाग के पास पर्याप्त संसाधन नहीं है। 400 नलकूपों में से 182 नलकूप खराब पड़े है। 218 नलकूपों से शहर को पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसमें से कुछ ऐसे नलकूप भी हैं, जो पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं और बालू उगलते हैं। नगला विश्नू, महावीर नगर, सरस्वती नगर, हाजीपुरा, नई बस्ती आदि क्षेत्रों में पानी का संकट बना हुआ है। सबसे अधिक दिक्कत नई आबादी वाले क्षेत्रों में है।
सैलई स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर तीन मोटरों से शहर की टंकियों और सीडब्लूआर भर जाता था। 18 से 20 घंटे प्लांट चलता था, लेकिन 15 दिन से दो मोटर खराब होने के कारण 14 से 15 घंटे ही प्लांट चल पा रहा है। इसको लेकर टंकियां और सीडब्लूआर भर नहीं पा रहे। मोटरों को सही करने के लिए भेजा गया है। 15 अगस्त के बाद समस्या का समाधान हो जाएगा।
टैंकरों का भी अभाव
जलकल विभाग में टैंकरों का अभाव है। वर्तमान में 20 टैंकर विभाग के पास हैं। दो टैंकर सैनिटाइजेशन के काम में लगे है। दो टैंकरों में मोटर लगी है। 16 टैंकरों से शहर को सप्लाई दी जाती रही है। इन टैंकरों के लाने ले जाने के लिए मात्र पांच ही ट्रैक्टर हैं। इससे समय परसप्लाई नहीं पहुंच पाती।