फिरोजाबाद। झालगोपालपुर नहर में किसानों ने पंपसेट डाल कर इंटेक प्लांट के लिए होने वाली आपूर्ति बाधित कर दी। इससे रविवार को शहर में गंगाजल की आपूर्ति नहीं हो सकी और शहर में पानी का संकट गहरा गया। जानकारी पर जलकल और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहर में पड़े किसानों के पाइपों को निकालने कोशिश की तो किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझा-बुझाकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ नहर में पड़े किसानों के पाइप बाहर निकाले।
झालगोपालपुर नहर के आसपास के किसानों ने नदरई नहर से सिंचाई के लिए मिलने वाला पानी बंद करने पर शुक्रवार रात खेतों की सिचांई के लिए झालगोपालपुर नहर में पंपसेट लगा लिए। इससे नंदपुर इंटेक प्लांट की ओर जाने वाली नहर में पानी का जलस्तर करीब एक फीट से नीचे रह गया। रविवार सुबह जल निगम के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग और जलकल विभाग के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। दोनों विभाग के अधिकारी नंदपुर प्लांट से करीब 20 किलो मीटर दूर अधिकारी नहर की जांच करने पहुंचे तो दर्जनों की संख्या में किसानों के पंपसेट देखकर हैरान रह गए।
इस पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने किसानों से पंप सेट हटाने के लिए कहा तो किसानों ने विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौके पर एकत्रित हो एग। मामला बढ़ता देख सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इलाका पुलिस को सूचना दी। तो फोर्स मौके पर पहुंच गयी। पुलिस की मदद से सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने किसानों के पंपसेट हटवाने के साथ ही नहर में पड़े पाइपों को बाहर निकाला।
टंकियां नहीं भरी जा सकी, टैंकरों से की जलापूर्ति
फिरोजाबाद। नहर से आपूर्ति को ब्रेक कर देने से इंटेक प्लांट तक गंगाजल नहीं पहुंचा। इससे टंकियां नहीं भरी जा सकीं। शहर की सात लाख की आबादी में से 80 फीसदी आबादी को 55 से 60 एमएलडी पानी की आपूर्ति सुबह शाम दी जाती है। वहीं 30 से 35 एमएलडी पानी जलकल विभाग द्वारा नलकूपों से दी जाती है। गंगा जल की आपूर्ति बाधित होने के साथ ही नगला विश्नू, सुहागनगर, नगला बरी, रैपुरा रोड, महावीर नगर, संतोषनगर, दुली मोहल्ला, दखल, नगला पचिया नई आबादी, करबला, नई बस्ती, गांधीनगर के साथ अन्य क्षेत्रों में रविवार को पानी का संकट खड़ा हो गया। इससे पानी की आपूर्ति टैंकरों से करनी पड़ी। मोहल्लों में टैंकर पहुंचने के साथ ही लोगों की भीड़ पानी भरने के लिए जुट गई।