फिरोजाबाद/नारखी/फरिहा। गर्मी की शुरुआत के साथ ही ग्रामीण अंचल में स्थापित जलनिगम की टंकियों के हलक सूखने लगे हैं। जिले में एक दो नहीं अपितु 25 टंकियों ने पानी देना बंद कर दिया है। जलनिगम के अधिकारी हर घर को नल से जल देने की योजना बना रहे हों लेकिन गांव में हकीकत कुछ और ही है। हालात यह हैं लाखों रुपये खर्च कर गांवों में खड़ी की गईं ऊंची-ऊंची पेयजल टंकियां सफेद हाथी साबित हो रही हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के शोर के बीच पानी बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है। प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार के समक्ष ग्रामीण मतदाता पानी की किल्लत उठा रहे है। नारखी ब्लॉक में टंकी एक दशक पूर्व 12 गांवों को पानी की सप्लाई देती थी।
आज खुद नारखी गांव पानी को तरस रहा है। इसके अलावा नारखी धौंकल, नारखी ताल्लुका, गढ़ी हंसराम, डोरसा, जैतपुर, भीतरी, गढ़ी लोकी, कनवार, बघीपुर गढ़ी तारा, गढ़ी अफोह, भूड़ नगरिया को पानी की बूंद तक नहीं मिल रही है। नया बांस में भी टंकी स्थापित है। इस टंकी से नयाबांस के साथ-साथ बरतरा,महीपुरा,गढ़ी श्रीराम,भूड़ा शेरपुर, बिदरखा के बाशिंदों को पानी मिलता था लेकिन अब टंकी बंद हो गई है।
फरिहा के केशपुरा की टंकी भी खराब है। इस टंकी से केशपुरा, नगला कांस, मीतपुरा के बाशिंदों को पानी की आपूर्ति होती थी। ग्रामीणों की मानें तो पाइपलाइन खराब हो गई। कोई मुस्तफाबाद तो कोई फरिहा से पानी लाने को मजबूर है। कायथा घड़ी के मोनू जादौन कहते हैं कि पानी की टंकी काफी दिनों से खराब है। वह कहते हैं कि नलकूपों से पानी भरने को मजबूर हैं।
- गर्मी की शुरुआत होते ही पानी का संकट खड़ा हो गया है। नारखी की पेयजल टंकी से 12 गांवों को पानी की आपूर्ति दस वर्ष पूर्व मिलती थी। वर्तमान में टंकी बंद होने के कारण सीधे नलकूप से केवल नारखी गांव के दस प्रतिशत लोगों को पानी की आपूर्ति मिलती है।
ओमेंद्र सिंह नारखी
- नारखी क्षेत्र के लिए पानी बड़ी समस्या है। नारखी के साथ रामगढ़ उर्फ उम्मरगढ़, कायथा इलाकों में खारे पानी के कारण अनेक लोग बीमारी का शिकार हो गए है। हालांकि पेयजल समस्या का निदान नहीं हो सका। क्षेत्रीय जनता पानी की तलाश को भटकने को मजबूर हैं।
जितेंद्र सिंह गढ़ी हंसराम
- जिले में पानी की किल्लत गर्मी बढ़ने के साथ और बढ़ेगी। पेयजल टंकियों की संचालन व्यवस्था ठीक नहीं है। शिकायत किए जाने के बाद जल निगम के अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। जलनिगम एवं प्रशासन को चाहिए कि वह इस समस्या को हल कराए।
अंगद सिंह गढ़ी अफोह नारखी
- केशपुरा की टंकी काफी दिनों से बंद है। केशपुरा ही नहीं अपितु आस-पास के गांवों के लोग फरिहा तक पीने का पानी लाने को मजबूर है। प्रशासन को बंद टंकियों को चालू कराने की ओर ध्यान देना चाहिए।
फूल सिंह निवासी नगला कांस।
जिले में 115 पेयजल टंकियां ग्रामीण अंचल में स्थापित हैं। बंद टंकियों को ठीक कराने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। मेरा प्रयास होगा कि गर्मी में पानी की किल्लत दूर हो। कुछ टंकियों की समय सीमा पूरी होने के कारण बंद किया गया है।
ओमवीर सिंह दीक्षित एक्सईएन जलनिगम फिरोजाबाद।