परिषदीय स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था पटर से पहले ही उतरी है। ऊपर से
शिक्षकों की मनमानी बेसिक शिक्षा विभाग की परेशानी बढ़ा रही है। दो दिनों
में करीब 60 शिक्षकों की लापरवाही सामने आई। लेकिन उन कार्रवाई करना विभाग
के लिए चुनौती बना हुआ है।
पहले दिन प्रभारी बीएसए तरुण कुमार ने निरीक्षण किया तो चार परिषदीय
स्कूल बंद मिले। लापरवाही बरतने पर 12 शिक्षकों की वेतनवृद्धि रोकी और चार
शिक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि थमाई गई। एक शिक्षामित्र का मानदेय काटा
गया। दूसरे दिन एका, खैरगढ़, जसराना ब्लाक में क्रास चेकिंग कराई गई तो दो
स्कूल बंद मिले। जबकि 28 शिक्षक अनुपस्थित मिले। पांच शिक्षक लेट आए। वहीं
शनिवार को एका के ब्लाक के प्राइमरी नगला धीर में शिवप्रसाद, प्राइमरी नगला
गोकुल में नवीन कुमार, प्राइमरी मिलावली में अनिल कुमार अनुपस्थित पाए गए।
यतींद्र कुमार तिवारी प्राइमरी नगला खेड़ा, मोहन सिंह प्राइमरी उडे़सर,
शिखा तिवारी, कौशलेंद्रप्रताप सिंह और पवन कुमार कुमार यूपीएस सियावरी,
राकेश कुमार यूपीएस पबरई भी निरीक्षण में अनुपस्थित मिले। प्राइमरी पवरई
में ऊषा सिंह शिक्षामित्र हस्ताक्षर कर चली गईं। अर्जुन प्राइमरी नगला
मदार, अवधेश वर्मा प्राइमरी नगला तुला, सुधांशु भास्कर यूपीएस उडे़सर,
मानपाल सिंह यूपीएस नगला गोटा, संतोष यादव प्राइमरी आलमपुर, अशोक कुमार
प्राइमरी राजगढ़, शिल्पी पालीवाल, शिक्षामित्र मंगेश यादव प्राइमरी बनवारा,
जितेंद्र शर्मा अनुचर अनुपस्थित मिले। लोकेश प्राइमरी कुचलपुरा, डिप्टी
लाल प्रधानाध्यापक यूपीएस पलिया दोहे भी अनुपस्थित पाए गए।
दो दिन
में 60 शिक्षक की शिक्षण कार्य के प्रति लापरवाही सामने आती है तो यह गंभीर
विषय है। अगर दोबारा चेकिंग में यही स्थिति पाई जाएगी तो शिक्षकों के साथ
जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
जेएस चौधरी, एडी बेसिक