जीवन शक्ति परियोजना से जिले के किसान अब मनरेगा योजना से औषधीय फसलें उगा सकेंगे। उन्हें अपने ही खेत में काम करने की मजदूरी भी मिलेगी। यह पहल शासन ने औषधीय फसलों को उगाने के प्रति जिले के किसानों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से की है। नवीन योजना के संबंध में उपायुक्त मनरेगा की ओर से एक पत्र जारी किया है।
बायो एनर्जी मिशन सेल के राज्य समन्वयक पीएस ओझा ने उपायुक्त मनरेगा को भेजे पत्र में प्रदेश भर में मनरेगा योजना के माध्यम से औषधीय फसलों को उगाने पर जोर दिया है। इस योजना के तहत औषधीय फसल को उगाने वाले किसानों को अपने ही खेत में काम करने की मजदूरी मनरेगा योजना के तहत मिलेगी। बायो एनर्जी मिशन सेल के जिला समन्वयक पीएस ओझा ने कहा कि इस योजना की शुरूआत दस जिलों में की गई थी। इसमें प्रशिक्षित युवा किसानों के सहयोग से शुरूआत की थी। काफी अच्छे परिणाम आने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में इसकी शुरूआत की जाएगी। प्रदेश के अपर आयुक्त मनरेगा डा.आदर्श सिंह ने सीडीओ एवं अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयकों को पत्र जारी कर इसका क्रियान्वयन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इन फसलों को उगाने वाले किसानों को अपने ही खेत में काम करने की मजदूरी तो मिलेगी साथ ही फसल की बिक्री से धनराशि भी मिल सकेगी। उन्होंने कहा किसान इसका लाभ ले सकते हैं।
किसान इन फसलों को उगा सकेंगे
मनरेगा योजना के तहत किसान 20 औषधीय फसलों को उगा सकेंगे। सर्पगंधा, अश्वगंधा, कालमेघ, पाषाण भेद, सनाय, ईसब गोल, सेट्रोनेला, लेमनग्रास, पामारोजा, मेन्था, ग्वारपाठा, गुड़मार, बच, सतावर, मुश्कदाना, पिप्पली, कौंच, चंद्रसूर, गिलोय तथा तुलसी पर क्षेत्रीय उपयोगिता एवं बाजार की मांग के अनुरूप रोपण कराएं।
औषधीय फसलें उगाने पर किसानों को दोहरा लाभ मिलने की मनरेगा से जुड़ी जीवन शक्ति योजना शुरू हुई है। इस योजना से किसानों को जोड़ेंगे, प्रयास यही रहेगा कि जिले के अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हों।
सुजीत कुमार, सीडीओ फीरोजाबाद।