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नगर से देहात तक वायरल फीवर का प्रकोप

Fri, 09 Sep 2016 12:15 AM IST
Amar Ujala
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नगर से देहात तक वायरल फीवर का प्रकोप - फोटो : Amar Ujala
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शहर से जुड़े क्षेत्र आसफाबाद, सती नगर, दौकेली, हिमायूंपुर में पहले से ही लोग वायरल फीवर की चपेट में हैं। फरिहा के गांव इटारी में भी ग्रामीण इस बीमारी की चपेट में आए। इस बीमार में हाथ-पैरों में असहनीय दर्द के साथ तेज बुखार लोगों को आ रहा है। चलने-फिरने में भी लोगों को तकलीफ हो रही है। शहर के प्रमुख चिकित्सकों के अनुसार यह नई तरह की संक्रामक बीमारी है। यह चिकिन गुनिया और वायरल फीवर का मिला-जुला रूप है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लोगों को लाभ नहीं मिल रहा। गांव में लोग झोलाछापों से इलाज करा रहे हैं।
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इटारी में भी फैला वायरल, 70 से भी ज्यादा बीमार
फरिहा के गांव इटारी में वायरल फैल गया है। जिसके लक्षण चिकनगुनिया की तरह मिलते-जुलते हैं। बीमारी से घर-घर चारपाइयां बिछी हुईं हैं। गांव में करीब सात दर्जन लोग बीमार हैं। करीब चार दिन पूर्व वायरल फैलना शुरू हुआ था। मगर अभी तक स्वास्थ्य विभाग को भनक तक नहीं लगी है। कई लोग आगरा और फीरोजाबाद के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
वायरल बुखार ने गांव के करीब 70 लोगों को जकड़ रखा है, इनमें अधिकांशत: महिलाएं हैं। वहीं, 30 से अधिक उम्र के लोग बीमार बताए जाते हैं। तीन दिन से वायरल बुखार फैला हुआ है। मरीजों के मुताबिक सर्दी के साथ बुखार आता है। हाथ, पैरों में दर्द होने लगता है। कमर के नीचे का हिस्सा जाम हो जाता है। आधे घंटे में इसका असर कईयों पर होने लगा। क्षेत्र के कई लोग फीरोजाबाद, आगरा के निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं। एक घर में कई-कई लोग इस बुखार से जूझ रहे हैं।
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ये लोग हैं बीमार
विवेक (11), अनिल (18), सुधा(18), छोटी(30), विलास सिंह (40), राहुल (24) बलवीर, सरस्वती (35), कहरन सिंह, नीरज (32), मुकेश (40), भानुवती(43), मूलचंद्र (60), गुड्डी देवी (40), रामकिशन (40), रामस्वरूप, सुदामा।

क्या कहते हैं अधिकारी
हमें शाम को जानकारी मिली। कल स्वास्थ्य टीम भेजकर गांव में कैंप लगवाएंगे। क्षेत्र में दवा का छिड़काव भी कराएंगे। ग्रामीण भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
डॉ. पुष्कर आनंद, सीएमओ

वायरल में चिकनगुनिया के लक्षण
आईएमए के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ फीजिशियन डॉ. एसपीएस चौहान ने बताया कि यहां वायरल का प्रकोप है। इसमें चिकनगुनिया के लक्षणों से यह मिलता-जुलता बुखार है। लेकिन मरीजों को ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। दवा लेने के चार से पांच दिन में बुखार ठीक हो जाता है।

दौंकेली में गई स्वास्थ्य विभाग की टीम
दबरई के निकट गांव दौकेली में वायरल फैलने की सूचना मिली थी। एसीएमओ डॉ केके गुप्ता के निर्देशन में टीम ने गांव दौंकेली में डेरा जमा लिया। वायरल के सिर्फ तीन मरीज मिले। गांव में घर घर जाकर टीम ने लोगों से पूछा। क्षेत्रीय ग्राम प्रधान ने वायरल न फैलने की बात कही। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी लिखित में वायरल न फैलने का पत्र दिया।

हिमायूंपुर में नहीं पहुंची टीम, बुखार से तप रहे लोग
नालियों के समीप जमी सिल्ट को नहीं उठवा पाया नगर निगम
हिमायूंपुर टावर वाली गली में फैले वायरल फीवर से लोग तप रहे हैं। सर्दी लगने के बाद बदन में दर्द भी है। गुरुवार को क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची।
सीएल जैन डिग्री कालेज के पीछे बसे मोहल्ला हिमायूंपुर स्थित टावर वाली गली के बाशिंदे एक सप्ताह से वायरल फीवर की चपेट में आए थे। लेकिन इनकी सुध स्वास्थ्य विभाग ने नहीं ली। प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत करने पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची तो दो-दो गोलियां थमाकर चलती बनी। गुरुवार को लोग टीम के आने की राह तकते दिखाई दिए। लेकिन देर शाम तक क्षेत्र में टीम के न पहुंचने पर लोग मायूस हो गए और निजी चिकित्सक के यहां से दवा लाने को विवश हुए। क्षेत्रीय लोगों की माने तो बुधवार को जो टीम क्षेत्र में आई थी, उसने न तो मरीजों की नब्ज देखी और न ही परीक्षण किया। उधर नगर निगम द्वारा नालियों से निकाली गई सिल्ट रोड पर तो डाल दी गई, लेकिन उसे उठाया नहीं गया। क्षेत्र में गंदगी का अंबार है। इससे यहां संक्रामक रोग फैल रहे हैं।

शुक्रवार को टीम भेजकर कैंप लगाया जाएगा। जो मरीजों का परीक्षण करने के साथ ही दवा का वितरण करेगी। जरूरत पड़ी तो टीम रात को क्षेत्र में कैंप भी करेगी।
डा. पुष्कर आनंद, सीएमओ

स्वास्थ्य केंद्र पर न डाक्टर न दवाएं
क्षेत्र में वायरल फीवर से दर्जनों लोग बीमार हैं। ऐसा बुखार आता है कि एक दम शरीर ज्यादा गर्म हो जाता है और बदन में तेज दर्द होने लगता है। क्षेत्र के एक दर्जन से ज्यादा गांव कठफोरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े हैं। मरीज उक्त केन्द्र पर आते हैं। मगर मायूस होकर प्राइवेट डाक्टरों के यहां चले जाते हैं। कठफोरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक वार्ड ब्वाय तैनात है। यहां तैनात फार्मासिस्ट का स्थानांतरण पिछले दो माह पहले हो गया था। मगर अभी तक कोई तैनाती नहीं हुई। यहां डाक्टर तो एक वर्ष से कोई तैनात ही नहीं है।
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