फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रामीणों को नजरबंद कर खोदवाई नहर

Thu, 23 Jun 2016 11:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
विज्ञापन
प्रशासन ने जेड़ाझाल के लिए नहर खोदवाई
विज्ञापन
जसराना नवीन नहर परियोजना (जेडाझाल) की नहर खोदाई का साहूमई के किसानों ने विरोध किया। किसानों के विरोध के चलते एसडीएम जसराना एवं सीओ सहित फोर्स ने डेरा डाल लिया। ग्रामीणों को गांव में नजरबंद कर नहर की खोदाई का काम कराया गया। किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने उनके साथ धोखाधड़ी की है। चार गुना मुआवजा देने के बजाय उनकी जमीन अधिक कब्जाई जा रही है।
विज्ञापन

जसराना नवीन नहर परियोजना (जेडाझाल) की नहर खोदाई का काम किसानों के विरोध के कारण अभी पूरा नहीं हो सका है। प्रशासन ने थाना फरिहा के गांव साहूमई के करीब नहर खोदाई शुरू की तो किसानों ने विरोध किया था। गुरुवार सुबह एसडीएम जसराना अमित सिंह, सीओ शमशेर सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए। उनके साथ एसओ फरिहा, जसराना, एका, नारखी, खैरगढ़, नगला सिंघी, नगला खंगर एवं महिला थाने की पुलिस और पीएसी थी। फोर्स ने ग्रामीणों को गांव से बाहर नहीं निकलने दिया। इसके बाद खोदाई का कार्य शुरू कराया गया। दूसरी तरफ ग्रामीणों ने गांव में बैठक कर कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना था कि 19 मई 2015 को चारगुना मुआवजा दिए जाने का आदेश हुए हैं कम से कम जिन किसानों का इस तिथि के बाद बैनामा हुआ उनका मुआवजा प्रशासन दे। बिना मुआवजा दिए जमीन कब्जाना कहां का न्याय है। ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि मुआवजा नहीं मिला तो विधानसभा चुनाव में काले झंडे लगाकर विरोध करेंगे। विरोध करने वालों में साहुमई के दयाकिशन, किताब सिंह, सोबरन, प्रसादी लाल, रामगोपालल, धर्मवीर सिंह एवं नगला गूदर के रामकिशन, राधेश्याम, बद्रीप्रसाद, धनपाल सिंह, रामदयाल, रामदास, उदयवीर यादव, राजू यादव, मार्गश्री, सोमवती, श्यामवती, रामा देवी, चमेली देवी थे।  

गलती नहर विभाग की, खामियाजा भुगतें किसान 
जसराना(ब्यूरो)। प्रदेश सरकार ने जमीन अधिग्रहण करने पर सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा देने का आदेश 19 मई 2015 को दिया लेकिन नहर विभाग ने इस आदेश को आठ जनवरी 2016 को स्वीकार किया। आठ जनवरी के बाद बैनामा करने वाले किसानों को चार गुना मुआवजा मिला वहीं आठ जनवरी से पूर्व बैनामा करने वाले किसानों को सर्किल रेट का ही मुआवजा मिला। नहर विभाग अगर समय से आदेश को लागू करा देता तो शायद सभी किसानों को इसका लाभ मिलता। 
विज्ञापन


जसराना नवीन नहर परियोजना के 18 गांव के किसानों की 20 हेक्टेयर भूूमि के लिए चार गुना मुआवजा के लिए शासन से 16 करोड़ धनराशि की डिमांड की है। मंजूरी मिलने एवं धनराशि मिलते ही किसानों को बढ़ाकर मुआवजा राशि का वितरण कराया जाएगा। जसराना नवीन नहर परियोजना के कार्य में कोई विरोध स्वीकार्य नहीं होगा। 
अमित सिंह, एसडीएम जसराना। 

प्रशासन ने अंग्रेजी शासन दिलाया याद 
- किसान विनोद यादव ने कहा कि प्रशासन ने अंग्रेजी शासन की याद को ताजा करने का काम किया। हमारी जमीन पांच बीघा के स्थान पर छह बीघा जबरन ले रहे हैं और हमारी बात तक नहीं सुनी जा रही है। 

- रामब्रज यादव ने कहा कि 19 मई 2015 के बाद जो बैनामा हुए कम से कम उनको चार गुना मुआवजा प्रशासन को देना चाहिए। बिना मुआवजा दिए भूमि कब्जाना कहां का न्याय है। यह प्रशासन की खुली गुंडागर्दी है। 

- शिशुपाल यादव ने कहा कि फोर्स ने गांव में कैद कर दिया। आज हम लोगों की कोई सुनने वाला नहीं है। आखिर जमीन जबरन ले ली कम से कम हमारा हक तो दे दे प्रशासन। 

- नगला गदल निवासी हुकुम सिंह ने कहा कि विकास कार्य हों लेकिन हमारे भूमि का उचित पैसा तो दिया जाए। सांसद एवं विधायक के साथ शासन को हमारा पक्ष सुनना चाहिए। 

राष्ट्रीय किसान नौजवान संगठन किसानों के साथ है। जेडाझाल परियोजना के प्रत्येक किसान को चार गुना मुआवजा दिलाने की लड़ाई लड़ेंगे। 15 मार्च 2015 के बाद या फिर इससे पूर्व कोई किसान हो, एक ही परियोजना है और वही किसान हैं तो फिर भेदभाव नहीं होने देंगे। संगठन को चाहे न्यायालय की शरण में भले ही जाना पड़े हम लड़ाई को लड़ेंगे। 
रामनिवास यादव जिलाध्यक्ष 

किसानों को उनका हक मिलना चाहिए। प्रशासन किसानों के साथ ज्यादती करने के बजाय उनका पक्ष सुने और उनका हक दिलाने का काम करे। एक ही परियोजना की भूमि के लिए अलग-अलग दरों से मुआवजा नहीं देना गलत है। हम किसानों के साथ हैं। 
विज्ञापन

धर्म सिंह यादव एडवोकेट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें