जसराना-एटा बाईपास मार्ग के चौड़ीकरण में ली गई जमीन का मुआवजा न मिलने पर किसान गुरुवार को भड़क गए। किसानों ने भाकियू भानु के बैनर तले महापंचायत की। महापंचायत के दौरान मार्ग पर काम करने की सूचना मिली तो किसानों में आक्रोश फैल गया। सैकड़ों महिलाएं एवं पुरुष बाईपास पर पहुंचन गए। आंदोलन को नेतृत्व कर रहे मिजाजी को पुलिस द्वारा पकड़ने और मारपीट की सूचना पर किसानों के साथ महिलाएं बेकाबू हो गई। महिलाओं ने जेसीबी पर पथराव कर कंपनी के ठेकेदार के प्रतिनिधि की पिटाई कर दी। पथराव की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कोतवाल ने मौके पर पहुंचकर मामले को शंात कराया। वहीं किसानों एवं कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ एसडीएम एवं सीओ की मौजूदगी में वार्ता हुई। किसानों ने कार्रवाई के लिए आठ दिन का समय मांगा।
जसराना में एटा शिकोहाबाद मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। प्रस्ताव के तहत जसराना में बाईपास मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। किसान अपनी जमीन के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। मुआवजे की मांग को लेकर किसान डीएम नेहा शर्मा से भी गुहार लगा चुके है। गुरुवार को मुआवजे की मांग को लेकर किसान भारतीय किसान यूनियन भानु के बैनर तले तहसील में महापंचायत कर रहे थे। महापंचायत को यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धनीराम यादव संबोधित कर रहे थे। धनीराम यादव ने कहा कि मुआवजा न मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। तभी एक किसान ने बताया कि बाईपास के निर्माण को लेकर जेसीबी से कार्य कराया जा रहा है। जेसीबी से काम कराने की सूचना पर किसानों को नेतृत्व कर रहे मिजाजीलाल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कार्य का विरोध किया तो अभद्रता करते हुए केसी कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधियों ने उन्हें पुलिस को सौंप दिया। मिजाजीलाल को पुलिस द्वारा पकड़ जाने की सूचना पर महापंचायत में मौजूद किसान भड़क गए। महापंचायत से किसान और महिलाएं मौके पर पहुंच गई। किसानों और महिलाओं ने जेसीबी पर पथराव कर दिया। इसके बाद मौके पर मौजूद कंपनी के प्रतिनिधि की पिटाई लगा दी। मौके पर मौजूद अन्य लोगाें ने किसी प्रकार उसे बचाया। इधर, पथराव एवं मारपीट की सूचना पर कोतवाल संजय सिंह मय पुलिस फोर्स के मौके पर पहुंच गए। हंगामा कर रहे लोगों को समझाने के साथ भाकियू के जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह टाइगर को पुलिस थाने ले गई। किसानों के नेताओं को पुलिस द्वारा उठाने पर किसानों ने थाने पर एकत्रित होना शुरू कर दिया लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। एसडीएम महेंद्र कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकारी संजय वर्मा के सामने किसानों एवं कंपनी के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। वार्ता में किसानों ने आठ दिन का समय मांगा। अधिकारियों ने कहा कि आठ दिन बाद काम शुरू कराया जाएगा।
किसानों को दिया गया है आठ दिन का समय
जसराना (ब्यूरो)। एसडीएम जसराना महेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सीओ की उपस्थिति में किसानों एवं कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधिओं के बीच वार्ता के बाद आठ दिन का समय दिया गया है। अवरोध पैदा करने वाले किसानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्राधिकारी संजय वर्मा ने कहा कि आठ दिन के बाद किसानों के द्वारा कोई कागज पेश न करने पर कार्य को पुलिस के साये में कराया जाएगा।
1975 में बना था बाईपास मार्ग
जसराना (ब्यूरो)। जसराना में मुस्तफाबाद-मैनपुरी मार्ग के लिए बाईपास के तहत 1975 में मार्ग बनाया गया था। अधिकारियों की मानें तो किसानों ने विकास के नाम पर अपनी जमीनों को दान में दिया था लेकिन किसानों ने कहा यदि जमीन दान दी तो सरकार उनसे लगान क्यों वसूल रही है? अहम सवाल है जब विभाग के नाम पर जमीन नहीं है तो किस आधार पर जमीन पर अपना दावा पेश कर रहा है।
इन किसानों की जा रही है जमीन
जसराना (ब्यूरो)। सुभाष निवासी नगला रामा, अशोक निवासी जसराना देहात, राजबहादुर, राजेंद्र, राजपाल, लौंगश्री, निवासीगण मोहल्ला लोधपुरा, राकेश कुमार, मिजाजी लाल, नेत्रपाल, ग्याप्रसाद, गीतम सिंह, सतीश निवासीगण जसराना देहात, सुखलाल, महावीर सिंह, प्रताप सिंह, लालता प्रसाद, कस्तूरी निवासीगण निवासी नगला घनी, रमेश चंद्र, मूलचंद्र, वेदसिंह, विनोद कुमार, श्यामवीर, राजेंद्र सिंह, श्रीमती भगवान देवी, भीमसेन, सतीश चंद्र, गुलाब सिंह, रमेश चंद्र, सूरजपाल, राजबहादुर, राजवीर सिंह, महावीर सिंह, प्रमोद कुमार, विनोद कुमार, डिप्टी सिंह, दिनेश चंद आदि है।