अति कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर फल मिलेंगे। प्रदेश सरकार द्वारा पूरे प्रदेश के लिए 540 करोड़ धनराशि की अलग से व्यवस्था की जा रही है। हालांकि सभी आंगनबाड़ी केंद्र पर यह व्यवस्था नए वित्तीय वर्ष से शुरू होगी। वहीं डीएम और सीडीओ के गोद लिए गांवों में यह व्यवस्था इसी माह से शुरू करने की योजना है।
सीडीओ सुजीत कुमार ने शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्रों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अति कुपोषित बच्चों को सुरक्षित श्रेणी में लाने के लिए उस हर परिवार की मॉनीटरिंग करनी होगी जो बच्चे कुपोषित श्रेणी में हैं। जिले में सर्वेक्षण में 32216 अतिकुपोषित बच्चे मिले हैं। इनको सुरक्षित श्रेणी में लाने के लिए उनकी लगातार मॉनीटरिंग करनी होगी। प्रत्येक बच्चे का वजन हर माह कराया जाए। उनके खाने की सामग्री के बारे में जानकारी दें, वहीं पुष्टाहार सही मात्रा में दें। उन्होंने कहा कि जिले में राष्ट्रीय कुपोषण मिशन के तहत अति कुपोषित बच्चों को सही श्रेणी में लाने क लिए प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन फल के साथ डायट (खाना) भी मिलेगा। शासन की ओर से पूरे प्रदेश के लिए 540 करोड़ की व्यवस्था नए बजट में की जा रही है। जिले में अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत सिर्फ डीएम द्वारा गोद लिए गए गांव खैरगढ़ और दखिनारा व सीडीओ सुजीत कुमार की ओर से गोद लिए गांव झपारा एवं बड़ागांव के बच्चों को फलों का लाभ मिलेगा। सीडीओ ने कहा कि पहले से मिल रहे पुष्टाहार का वितरण सही ढंग से कराएं। इस दौरान डीपीओ आभा सिंह, सीडीपीओ ग्रामीण धर्मेंद्र कुलश्रेष्ठ, खलील उल्ला शहर द्वितीय, अनामिका सिंह शहर प्रथम, ईश्वर दयाल यादव, रामनाथ, गौरव यादव, अनिल गुप्ता, योग्यलता सिंह, ऊषा गोस्वामी, सुनीता सिंह, रानी श्रीवास्तव, जसराना से अवधेश आदि मौजूद थे।