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 सब्जियों के ‘राजा’ को फेंकने की तैयारी

Sat, 26 Nov 2016 11:23 PM IST
राजकुमार
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बढ़ रही है आलू की कीमत - फोटो : demo pic
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 करेंसी की किल्लत ने आलू का उत्पादन करने वाले किसानों के चेहरे की रंगत उड़ा दी। आठ नवंबर से पहले बाजार में आलू का अच्छा भाव मिल रहा था पर अब कोई आधी कीमत पर खरीदने को तैयार नहीं। व्यापारियों ने आर्डर रद कर दिए हैं। किसानों के पास इतना पैसा नहीं कोल्ड से आलू निकालकर बाजार में बिक्री करे। जिले के 151 कोल्डस्टोरेज में दो लाख टन आलू रखा है। 
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फीरोजाबाद आलू उत्पादन का हब है। 65 हजार हेक्टेयर में आलू की फसल बोई जाती है। आलू उत्पादकों को इस बार अच्छा भाव मिलने की उम्मीद थी। आठ नवंबर से पूर्व तक 600 से 700 रुपया पैकेट (55 किलोग्राम) में बिक रहा था। बहुत से किसानों ने आलू महंगा होने के कारण से आलू नहीं बेचा। लेकिन आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद आलू की डिमांड बाजार में खत्म हो गई। मुंबई, दिल्ली, बनारस, कानपुर एवं हैदराबाद की मंडियों के व्यापारियों ने आलू के पहले से लगे आर्डर रद करा दिए। क्योंकि आलू व्यापारियों के पास उपलब्ध स्टॉक की बिक्री नहीं हो रही। नई करेंसी के अभाव में ट्रक चालक भी ले जाने को तैयार नहीं। लिहाजा आलू कोल्ड में ही रखा है। पुराना आलू 150 से 200 रुपया तक प्रति पैकेट बिक रहा है। जबकि बाजार में नए आलू का बोरा 400 रुपया में मिल रहा है। अब किसान आलू को फेंकने को विवश हैं। 

आलू उत्पादक किसान बोले...
जहान सिंह हैबतपुर 400 कट्टा आलू बलवीर कोल्ड स्टोरेज में रखा है। नोटबंदी से पूर्व 650 से 700 रुपया में बिक रहा था। लेकिन आज आलू खरीदने को तैयार नहीं है। 
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-रुधैनी निवासी अवनीश कुमार का 350 कट्टा आलू को कोल्ड में रखा है। एक सप्ताह से कोल्ड के चक्कर लगा रहे हैं। सहालग चल रहा है लेकिन आलू का कोई खरीदार ही नहीं है।

कोल्ड संचालक बोले.....
आलू का बाजार डाउन हो गया। व्यापारी नए आर्डर दे नहीं रहे। पहले दिए थे वह कैंसल करा दिए। किसान कोल्ड में आलू निकालने नहीं आ रहा। इससे सीधे कोल्ड स्टोरेज संचालकों का नुकसान होगा।  पंकज गर्ग कोल्ड संचालक फीरोजाबाद 

आलू की डिमांड घट गई। बाहर के व्यापारी नहीं आ रहे हैं। क्योंकि उनके पास करेंसी नहीं है। भाव सही नहीं मिलने के कारण किसान कोल्ड आने से बच रहा है। अभी भी कोल्ड काफी आलू रखा है। 
अजय सिंह कोल्ड संचालक 
जिले में करीब दो लाख टन आलू कोल्ड स्टोरेज में रखा है। बाजार में करेंसी की किल्लत के कारण भाव गिरा है। कई व्यापारियों ने आर्डर कैंसल किए हैं। किसानों व कोल्ड के संचालकों को बचे आलू की अच्छी कीमत मिलना काफी मुश्किल होगा। 
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बलजीत सिंह डीएचओ  

-65 हजार हेक्टेयर में बोया जाता है आलू। 
-151 जिले में कोल्ड स्टोरेज हैं स्थापित। 
-दो से ढाई लाख टन आलू कोल्ड स्टोरेज में है।
-करीब डेढ़ लाख किसान सीधे होंगे प्रभावित।
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