फिरोजाबाद। श्रुतसेवा निधि न्यास द्वारा रविवार को अक्षराभिषेकोत्सव का आयोजन पालीवाल हॉल में किया गया। इसमें अक्षरों के पुजारियों का समिति की ओर से सम्मान किया गया। साथ ही तीन साहित्यकार एवं कवियों की कृतियों का विमोचन भी हुआ। इसमें पद्मश्री डॉ. कैलाश मड़बैया को शांतिदेवी गुप्त श्रुतसेवा अलंकरण से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विनोद जैन मिलेनियम, राजेंद्र प्रसाद जैन, महावीर जैन मुन्नाबाबू ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया। स्वागत गान की प्रस्तुति सृष्टि जैन ने दी। अतिथियों का सम्मान अमित जैन, जिनेंद्र जैन ने किया। इसके बाद इंटरमीडिएट की परीक्षा में टॉपर रहीं पूजा यादव एवं हाईस्कूल टॉपर राजनंदनी यादव को स्टॉल, स्वेटर, डिक्शनरी देकर सम्मानित किया। मेधावियों का यह सम्मान निधि गुप्ता, कल्पना राजौरिया, सरस वर्मा, नीता जैन, संतोष जैन, सीमा जैन, सुभाष जैन आदि ने किया। राधामोहन जौहरी लाल जैन ट्रस्ट की ओर से अनिल जैन ने दोनों मेधावियों को रजत पदक प्रदान किया। इस दौरान पद्मश्री कैलाश मड़बैया को समिति के पदाधिकारियों ने 25 हजार नकद सम्मान राशि, शॉल, माला, प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। डॉ. कैलाश ने कहा कि मैं देश, विदेशों में घूमा हूं। मगर फिरोजाबाद का यह आयोजन मेरी जानकारी पूरे हिंदुस्तान का ऐसा आयोजन है, इसमें अक्षर के पुजारियों का अक्षराभिषेक किया जाता है। बनारसीदास चतुर्वेदी की धरती को प्रणाम करता हूं। उन्होंने अपनी कविताओं का पाठ भी किया।
शहर के लोगों को अभियान से जुड़ना चाहिए : सीडीओ
युवा कवि प्रवीन कुमार पांडेय ने सरस्वती वंदना पढ़ी। मंचासीन अतिथि विधायक मनीष असीजा ने कहा कि उन्हें इस बात का गौरव है कि वह विद्वानों की इस संस्था के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि न्यास के लिए सरकार की तरफ से जो भी मदद होगी वह कराएंगे। सीडीओ नेहा जैन ने कहा कि शहर के लोगों को सरकारी अभियान से जुड़ना चाहिए। जिसमें स्वच्छता अभियान और स्वास्थ्य अभियान प्रमुख हैं। महामंत्री अजय कुमार जैन ने किया। संचालन वरिष्ठ अनूप चंद्र जैन ने किया। ललतेश जैन, अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद राजू, राहुल सिटीजन, प्रमोद जैन, मुकेश जैन, अमित जैन, विजय देवता, वीरेंद्र जैन, हरिकिशन जैन, जयप्रकाश, दीपक कुमार, मयंक जैन, जिनेंद्र जैन आदि उपस्थित रहे।
तीन कृतियों का किया विमोचन
समारोह में प्रोफेसर प्रकाशचंद्र जैन की कृति चित्रसेन पद्मावती खंड काव्य, डॉ. चंद्रवीर जैन की कृति विविधा और सुभाषचंद्र यादव की कृति आत्ममंथन का मंचासीन अतिथियों द्वारा लोकार्पण किया गया।