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Firozabad News: अमेरिकी टैरिफ से कांच उद्योग पर संकट, छंटनी का अंदेशा

Tue, 26 Aug 2025 11:27 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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निर्यात योग्य कांच हस्तशिल्प आयटम। संवाद।
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फिरोजाबाद। अमेरिका द्वारा 28 अगस्त से 50 प्रतिशत का नया टैरिफ लागू किए जाने से फिरोजाबाद के कांच निर्यातकों में गहरी चिंता है। इस फैसले से कांच उद्योग का लगभग 55 प्रतिशत कारोबार प्रभावित हो सकता है, जिससे बड़े पैमाने पर कामगारों की छंटनी की आशंका बढ़ गई है।
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पहले से ही 25 फीसदी टैरिफ की मार झेल रहे कांच निर्यातकों को अब 25 फीसदी का अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा। इस 50 फीसदी कुल टैरिफ ने निर्यातकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पिछले दिनों ही 400 करोड़ रुपये से अधिक के विदेशी ऑर्डर गंवाने के बाद अब कारोबारियों को अमेरिका के साथ-साथ उसके मित्र देशों में भी अपने बाजार खोने का डर सता रहा है।

काम पर सीधा असर
अमेरिकी टैरिफ का असर कांच हस्तशिल्प इकाइयों पर साफ दिख रहा है। जहां पहले इन इकाइयों में पूरे साल काम की भरमार रहती थी, वहीं अब ऑर्डरों की भारी कमी हो गई है, जिससे कामगारों के भविष्य पर भी अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
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नए बाजारों की तलाश
अमेरिकी टैरिफ की मार से बचने के लिए, फिरोजाबाद के कांच निर्यातक अब चीन, मिडिल ईस्ट, लैटिन अमेरिकी देशों और अरब लीग जैसे नए बाजारों की तलाश कर रहे हैं। गौरतलब है कि टैरिफ से पहले अमेरिकी बाजारों में भारतीय कांच उत्पादों की मांग 50 फीसदी से अधिक है।

प्रमुख चुनौतियां

क्रिसमस के लिए अमेरिका भेजे गए 400 करोड़ रुपये के माल का भुगतान अटक गया है।

बढ़े हुए टैरिफ और डॉलर की दर में उतार-चढ़ाव का सीधा दबाव निर्यातकों पर पड़ेगा।

अमेरिकी बाजार में पोलैंड, तुर्की, वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों के निर्यातकों की पकड़ मजबूत होने की आशंका है।

कांच निर्यातकों की बात
क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए विदेशी आर्डर के हिसाब से माल भेज दिया है। लेकिन नए आर्डरों को लेकर चिंता है। केंद्र सरकार सीधे अमेरिका से बातचीत कर समस्या का हल निकाले।
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मुकेश बंसल, टोनी कांच निर्यातक एसोसिएशन

आर्डर कम हुए तो कांच इकाइयों में काम करने वाले कामगारों की छंटनी का संकट पैदा होगा। इसके अलावा कई छोटे निर्यातक भी बर्बादी के कगार पर होंगे।
शरद चंद्रा, कांच निर्यातक
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