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UP: बेमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता...बाजरा व धान की फसलों को नुकसान, कंडू रोग का भी सता रहा डर

Wed, 08 Oct 2025 07:59 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

खेतों में पानी भरने से किसानों को बुवाई के लिए खेत सूखने का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे सरसों और आलू की फसलें करीब 10 दिन लेट हो जाएंगी। बुवाई में देरी सीधे तौर पर पैदावार को प्रभावित कर सकती है।
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बारिश से फसल हुई खराब। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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खरीफ की फसलों की कटाई और रबी की फसल सरसों व आलू की बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में लौटते मानसून ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार से शुरू हुई बारिश मंगलवार रात्रि को फिर से हुई। इसके चलते बाजरा और धान की फसलों को नुकसान हुआ है, वहीं सरसों और आलू के किसान बुवाई में देरी होने से परेशान हैं।
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अक्तूबर में हो रही यह बेमौसम बारिश किसानों की मेहनत और चिंता दोनों को बढ़ा रही है। किसान इस समय आलू और सरसों की बुवाई के लिए अपने खेतों की तैयारी में जुटे थे, लेकिन बारिश के कारण खाली खेतों में पानी भर गया है। किसान नीरज दीक्षित, सोहन सिंह धाकरे, ब्रजवीर सिंह चौहान आदि का कहना है कि खेतों में पानी भरने से उन्हें बुवाई के लिए खेत सूखने का इंतजार करना पड़ेगा, जिससे सरसों और आलू की फसलें करीब 10 दिन लेट हो जाएंगी। बुवाई में देरी सीधे तौर पर पैदावार को प्रभावित कर सकती है।

 
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बारिश से उन किसानों को दोहरा नुकसान हो रहा है, जिनकी बाजरा और धान की फसलें कटने के लिए तैयार थीं या खेतों में कटी पड़ी थीं। किसान राजेंद्र सिंह, श्याम पाठक, भूरी सिंह आदि ने बताया कि उनकी बाजरा और धान की फसल खेत में कटी पड़ी है। इस बेमौसम बारिश से उन्हें फसल में 'कंडू रोग'  लगने और अनाज के सड़ने की चिंता सता रही है। 

चुल्हावली के किसान अमर सिंह सोलंकी ने इस स्थिति को किसानों पर प्रकृति की मार बताते हुए कहा कि अचानक हुई इस बारिश ने किसानों की लागत और मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही मौसम साफ होगा, जिससे वे बची हुई फसलों को सुरक्षित कर सकें और रबी की बुवाई समय पर कर पाएं।

 
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