ग्राम नीम खेरिया के निकट रेलवे कारीडोर बनाए जाने के साथ ग्रामीणों ने अंडरपास या ओवरब्रिज बनाए जाने की मांग की है। मंगलवार को ग्रामीण ग्राम प्रधान रामबाबू के नेतृत्व में डीएम से मिले और ज्ञापन दिया। जबकि एसडीएम से मिलने गए ग्रामीणों उनके साथ विवाद हो गया। इस पर एसडीएम ने दो ग्रामीणों को पुलिस बुलाकर उनके हवाले कर दिया। इससे ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। उन्होंने थाने पहुंचकर हंगामा किया।
मंगलवार को नीमखेरिया के ग्रामीण जिला मुख्यालय दबरई पहुंचे। डीएम निधि केशरवानी को सौंपा। ज्ञापन में कहा कि रेलवे लाइनों का चौड़ीकरण किया जा रहा है लेकिन ग्रामीणों के निकलने के लिए रास्ता नहीं बनाया गया है। आसपास के गांव के लोगों को पांच-छह किमी. की दूरी तय करके शिकोहाबाद पहुंचना पड़ेगा। वहीं प्राथमिक विद्यालय नगला कन्हई में होने के कारण चार किमी. का रास्ता तय कर बच्चों को पढ़ने जाना पड़ेगा। डीएम ने ग्रामीणों से कहा कि उनकी मांग पर विचार करते हुए छीछामई व माधौगंज फाटक की दूरी की पैमाइश कराई जाएगी। यदि एक किलोमीटर से ज्यादा रेंज होगी तो रेल मंत्रालय को अंडरपास बनाने के लिए लिखा जाएगा। ज्ञापन देने वालों में मिथलेश, रामरतन, लाखन सिंह, सोवरान सिंह, अवनीश, सीताराम शर्मा, प्रवेश, मुलकराज आदि थे।
दूसरी तरफ ग्रामीण डीएम से मिलने के बाद एसडीएम चंद्रभानु सिंह के पास ज्ञापन देने पहुंचे। वहां ग्रामीणों की एसडीएम से नोकझोंक हो गई। इस पर धर्मेंद्र व सोवरन सिंह दिवाकर को पुलिस के हवाले कर दिया। एसडीएम ने कहा कि ग्रामीणों ने सोमवार को जेसीबी मशीनों पर पथराव कर रेलवे के कार्य को रुकवा दिया था। शांतिपूर्ण तरीके से कार्य चले इसके लिए दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। दो लोगों को हिरासत में लेने पर ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने थाने पहुंचकर हंगामा किया। बाद में पुलिस ने उन्हें बमुश्किल समझाबुझा कर शांत कराया।