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Firozabad News: सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर साइबर ठगों के बैंक खाते खोलने वाले दो गिरफ्तार

Sat, 27 Dec 2025 11:37 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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सांकेतिक  - फोटो : सांकेतिक
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फिरोजाबाद। थाना उत्तर पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नगला पान सहाय की पुलिया के पास से दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जो भोले-भाले ग्रामीणों को सरकारी योजना के तहत मुफ्त सिलाई मशीन दिलाने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड लेते थे। इन आधार कार्डों का इस्तेमाल कर ये आरोपी फर्जी बैंक खाते खोलते थे, जिनका उपयोग देशभर में साइबर ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए किया जा रहा था। इनके दो साथी फरार है, जिनकी तलाश की जा रही है।
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एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी थाना उत्तर के एसआई अनुज कुमार तिवारी और उनकी टीम ने शुक्रवार देर शाम नमन राजपूत निवासी हरीनगर, गली-1, थाना उत्तर और विवेक पंडित उर्फ मोनू निवासी कपावली, नारखी को गिरफ्तार किया। पुलिस को इनके पास से 4 फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए हैं। ताज्जुब की बात यह है कि इन आधार कार्डों पर फोटो अभियुक्तों के थे, लेकिन नाम और पते फर्जी थे। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे अपने साथियों आकाश शर्मा और पंकज शर्मा के साथ मिलकर एनएसडीएल पेमेंट बैंक जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खाते खोलते थे। इसके लिए वे ग्रामीणों के आधार कार्ड और अपने पास मौजूद अनजान सिम कार्डों का प्रयोग करते थे। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से भारी मात्रा में आधार कार्ड के फोटो, ओटीपी शेयरिंग के व्हाट्सएप चैट और साइबर ठगी से जुड़े साक्ष्य मिले हैं।

यह दो आरोपी फरार
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में अपने दो अन्य साथियों के नाम-पते बताए हैं। इनमें आकाश शर्मा निवासी द्वारिकापुरी, गली-2 और पंकज शर्मा निवासी होली दरवाजा, फरिहा शामिल हैं। दोनों की पुलिस तलाश में जुटी है।
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इस प्रकार शिकार बनते थे ग्रामीण को
सीओ सिटी प्रवीण तिवारी ने बताया कि साइबर अपराधियों ने ठगी का यह नया और भावनात्मक तरीका निकाला है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गांवों में जाकर खुद को सरकारी विभाग का प्रतिनिधि बताते थे। वे महिलाओं को बताते थे कि सरकार विश्वकर्मा श्रम सम्मान या अन्य योजनाओं के तहत मुफ्त सिलाई मशीन दे रही है। पंजीकरण के नाम पर वे ग्रामीणों के आधार कार्ड की फोटो खींच लेते थे। ग्रामीण तो मशीन का इंतजार करते रह जाते, लेकिन उनके नाम पर खुला बैंक खाता तब तक हजारों किलोमीटर दूर बैठे किसी साइबर ठग का म्यूल अकाउंट (पैसा घुमाने वाला खाता) बन चुका होता था।

एक फोटो, कई नाम... पहचान छुपाने के लिए फर्जी आधार का खेल
गिरफ्तारी आरोपी नमन और विवेक पंडित के मोबाइल खंगालने पर पुलिस के सामने चौकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों ने अपने असली आधार कार्ड मोबाइल गैलरी में छुपा रखे थे, जबकि जेब में जो कार्ड थे, उनमें फोटो तो उनकी थी लेकिन नाम अन्य लोगों के लिखते थे। आरोपियों ने बताया कि यदि क्षेत्र में कोई उन पर शक करता या पुलिस रोकती, तो वे इन फर्जी आधार कार्डों को दिखाकर अपनी असली पहचान छिपा लेते थे। पुलिस ने इनके मोबाइल को जब्त कर लिया है, जिसमें मौजूद डेटा से इनके पूरे नेटवर्क और फरार साथियों (आकाश व पंकज) की तलाश की जा रही है।

गाड़ियों के इंश्योरेंस का काम करते थे, छह माह पहले बनाया गैंग
इंस्पेक्टर अंजीश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी नमन, आकाश, विवेक और पंकज पहले गाड़ियों के इंश्योरेंस का काम करते थे। छह माह पहले इन्होंने जरायमपेशे में कदम रखा और ठगी का काम करने लगे। आकाश इस गैंग का मुखिया है। इस गैंग के संबंध में अब यह पता किया जा रहा है कि यह कहां-कहां के साइबर ठगों को म्यूल बैंक अकाउंट बेचते थे, और उनके कितना पैसा प्रति अकाउंट लेते थे। चारों आरोपी स्नातक तक पढ़े हैं।
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