फिरोजाबाद। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) से विशिष्ट बीटीसी 1999, 2004, 2007 और 2008 बैच की मूल अंकतालिकाएं चोरी होने के मामले में जांच की रफ्तार पर सवाल खड़े हो गए हैं। तीन दिसंबर को मामला सामने आने के बाद भी अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है, जबकि प्रकरण जिला प्रशासन से होते हुए नियामक प्राधिकरण तक पहुंच चुका है।
अंकतालिका चोरी प्रकरण में जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया के तहत जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अब इसमें सेवानिवृत्त प्राचार्य और वर्तमान में आगरा डायट में तैनात एक प्रवक्ता भी जांच के घेरे में आ गए थे। करीब एक सप्ताह पूर्व दोनों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया है। प्रारंभिक जांच के दौरान डायट में तैनात एक प्रवक्ता और एक लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा गया था। दोनों ने अपने जवाब में अंकतालिकाओं की सुरक्षा और अभिलेखों के रखरखाव से संबंधित तत्कालीन व्यवस्था का हवाला देते हुए सेवानिवृत्त प्राचार्य और आगरा में तैनात प्रवक्ता की भूमिका का उल्लेख किया था। इसके बाद ही जांच एजेंसियों ने दायरा बढ़ाते हुए दोनों अधिकारियों को नोटिस भेजा था।
मामला गंभीर होने के बावजूद जांच पूरी न होने से विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। मूल अंकतालिकाओं जैसी महत्वपूर्ण शैक्षणिक अभिलेखों की चोरी को लेकर अभी तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई न होने से शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
और सुस्त हो जाएगी जांच
डायट प्राचार्य आगामी 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। फिलहाल इसका चार्ज किसी अन्य प्रक्वता को दिया जाएगा। ऐसे में जांच और सुस्त हो जाएगी।