फिरोजाबाद। वर्ष 2013 में बसई मोहम्मदपुर क्षेत्र में आटो का इंतजार कर रही एक शिक्षिका से तमंचे के बल पर सोने की चैन व कुंडल लूटने के मामले में एडीजे-8/विशेष डकैती कोर्ट के पीठासीन अधिकारी रमेश चंद ने दो अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जबकि साक्ष्य के अभाव में तीसरे आरोपी को बरी कर दिया गया।
मामला 6 अगस्त 2013 का है। उच्च प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदपुर बिहारीपुर में कार्यरत सहायक अध्यापिका भानुमती देवी विद्यालय से घर लौट रही थीं। साबिर मिस्त्री की दुकान के पास ऑटो का इंतजार करते समय काले रंग की पल्सर बाइक सवार तीन बदमाशों ने उनकी कनपटी पर तमंचा लगाकर सोने की चैन और कुंडल लूट लिए थे। मामले में पीड़िता के पति शिवप्रताप सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने सोफीपुर तिराहे के पास से आरोपी हिमाचल निवासी धौनई, नगला खंगर और वरुणकांत निवासी धुनपई, मक्खनपुर को गिरफ्तार कर लूटी गई चैन बरामद की थी। अदालत ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों का अनुशीलन करते हुए अभियुक्त हिमाचल और वरुणकांत को दोषी पाया। दोनों को 3-3 वर्ष के कठोर कारावास औरदो-दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं, मामले में नामजद तीसरे आरोपी वीरेंद्र उर्फ ठाकुर को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।