एकत्व सागर महाराज पक्ष द्वारा मंदिर परिसर में मोहित जैन सहित तीन लोगों के प्रवेश पर रोक संबंधी
- फोटो : एकत्व सागर महाराज पक्ष द्वारा मंदिर परिसर में मोहित जैन सहित तीन लोगों के प्रवेश पर रोक संबंधी चस्पा पोस्टर को पुलिस की सख्ती के बाद हटाता व्यक्ति। स्रोतः पुलिस
फिरोजाबाद। नसियाजी मंदिर में चातुर्मास कर रहे जैनमुनि एकत्व सागर महाराज के साथ हुई अभद्रता का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्य आरोपी मोहित जैन की गिरफ्तारी और पुलिस के समझाने के बाद समाज ने प्रस्तावित जुलूस और ज्ञापन कार्यक्रम रद्द कर दिया था लेकिन विवाद में बृहस्पतिवार रात पोस्टर वार शुरू हो गया। पुलिस ने किसी तरह विवाद को शांत किया और शुक्रवार को मोहित जैन को सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मोहित को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
देर रात जैन मुनि एकत्व सागर के समर्थक पक्ष ने श्री दिगंबर जैन रत्नत्रय मंदिर नसियाजी परिसर की दीवारों पर मोहित जैन, मुकेश कुमार जैन और इंद्रकुमार जैन के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के पोस्टर चस्पा कर दिए। पोस्टर में दावा किया गया कि यह कदम प्रशासन के आदेशानुसार उठाया गया है। सूचना मिलते ही थाना उत्तर के प्रभारी इंस्पेक्टर रवि त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत पोस्टरों को हटवाया। पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेताया कि यदि अब किसी ने सौहार्द बिगाड़ने या विवाद फैलाने का प्रयास किया तो सीधा धार्मिक उन्माद फैलाने का मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि विवाद की शुरुआत नसियाजी मंदिर में मुनि एकत्व सागर महाराज के साथ हुई अभद्रता से हुई थी। आरोपी मोहित जैन को अग्रिम जमानत मिलने के बाद अखिल भारतीय दिगंबर जैन पद्मावती पोरवाल पंचायत महासभा द्वारा प्रदर्शन व ज्ञापन की तैयारी की जा रही थी। इस बीच सोशल मीडिया पर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष मुनि श्री पर हमले के आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा था, तो दूसरा पक्ष मुनि श्री से जुड़े कुछ पुराने वीडियो (मारपीट, बैनर फाड़ने व हवन कुंड से जुड़े) वायरल कर रहा था। पुलिस की मध्यस्थता के बाद विरोध प्रदर्शन तो टल गया था लेकिन देर रात पोस्टर लगाए जाने से तनाव फिर बढ़ गया था। सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टरों को हटवा दिया गया है। विवाद करने वालों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अगर कोई भी बखेड़ा किया तो अब मुकदमा दर्ज कर सीधे जेल भेज दिया जाएगा।