टूंडला के अप रेल यार्ड में शनिवार की दोपहर दो ट्रेनें भिड़ने से बाल-बाल बच गईं। कानपुर की ओर से आ रही मालगाड़ी को होम सिग्नल लोअर न होने पर मैसेज भेजकर चला दिया गया। जिस लाइन पर यह ट्रेन जा रही थी, उस पर पहले से ही एक मालगाड़ी खड़ी थी। रेल चालक ने जब यह देखा तो इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। इसके बाद सूचना पर रेल प्रशासन ने पीछे ही आ रहीं अन्य ट्रेनों को जहां-तहां रोक दिया। रेलवे ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
टूंडला रेलवे स्टेशन के अप यार्ड की लाइन नंबर दो में एक मालगाड़ी पीएमआरबी आकर दोपहर डेढ़ बजे खड़ी हुई थी। इसी बीच कानपुर की ओर से आयी एलएचएम मालगाड़ी होम सिग्नल रेड होने पर खड़ी हो गई। ट्रेन के खड़े रहने पर जब पूर्वी केबिन के एएसएम ने जानकारी की तो चालक ने सिग्नल रेड होने की बात कही। वहीं, ट्रेन को यार्ड की एक नंबर लाइन में जाने के लिए सिग्नल दिए जा चुके थे।
होम सिग्नल न होने पर स्टेशन मास्टर ने मैसेज भेजकर ट्रेन को एक नंबर लाइन के लिए चलवाया। मैसेज मिलने पर टूंडला हेडक्वाटर के रेल चालक दीपक कुमार ट्रेन को चलाते हुए यार्ड में घुसे तो आगे दूसरी मालगाड़ी को देख उसके होश उड़ गये। उन्होंने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाते हुए हुए ट्रेन को मात्र कुछ फीट की दूरी पर ही रोक दिया। रेल चालक सतर्कता से दोनों ट्रेनें भिड़ने से बच गई। गनीमत थी कि होम सिग्नल फेल होने पर ट्रेन वहां से धीमी गति से ही यार्ड में घुसी थी।
इस दौरान ट्रेन के कुछ कोच अप मैन लाइन पर ही रह गये। जानकारी मिलने पर रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। नियंत्रण कक्ष के निर्देश पर पीछे ही आ रहीं अन्य ट्रेनों को जहां-तहां रोक दिया गया तथा मौके पर संबंधित विभाग और यातायात से जुड़े अन्य अधिकारी पहुंच गये। जांच के बाद गाड़ी को शाम साढे़ तीन बजे रवाना किया गया। इसकी वजह दो घंटे तक रेल यातायात ठप रहा।
गलत प्वाइंट बनने से एक ही लाइन पर पहुंची ट्रेन
टूंडला (ब्यूरो)। रेल अधिकारियों के मुताबिक होम सिग्नल न होने पर नियमानुसार मैसेज भेजकर ट्रेन को चलाया जाता है। ट्रेन को इसके तहत चलवाया गया था। ट्रेन यार्ड के एक नंबर लाइन पर जाना था प्वाइंट दो नंबर का बन गया था।
ये ट्रेनें रहीं प्रभावित
टूंडला (ब्यूरो)। एक ही लाइन पर दो ट्रेनों के आने से बाधित हुई अप लाइन के चलते दिल्ली जाने वाली रीवा एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, फरक्खा एक्सप्रेस व अजीमाबाद एक्सप्रेस एवं करीब आधा दर्जन गुड्स ट्रेनें हैं।
कोट
घटना में कहां चूक हुई है। इसके लिए चार सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम में डीटीएम टूंडला शिवम शर्मा, डीईई (ऑपरेशन टूंडला), एडीएसटीई टूंडला और एडीएसओ(इलाहाबाद) हैं। ये तीन सदस्यी टीम पूरे मामले की जांच करते हुए डीआरएम को रिपोर्ट सौपेंगी, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अमित मालवीय
जनसंपर्क अधिकारी, इलाहाबाद