निशुल्क ड्रेस वितरण में गड़बड़झाले के अंदेशे पर बीएसए सचिदानंद ने सोमवार को सिविल लाइंस में जिले के सभी एनपीआरसी की बैठक बुलाई थी। इसमें उन्होंने दो दिन में नए फार्मेट पर डाटा पुन: जमा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्देश नहीं मानने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
परिषदीय स्कूलों में निशुल्क ड्रेस वितरण की गई। साथ ही निशुल्क बैग, पुस्तक और बर्तन वितरण के नाम पर करोड़ों की धनराशि भी जिले में खर्च की गई। विभाग की ओर से बजट और प्रत्येक छात्र की बिंदुबार मांगी गई अलग-अलग सूचनाओं में 40 हजार छात्र संख्या का फर्क है। सूचनाएं एक सत्र में ही दो माह के अंतराल में मांगी गई हैं। बैठक में बीएसए ने एनपीआरसी की जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि दो दिन में पुन: दिए गए फार्मेट पर भरकर जमा करा दें। सबसे ज्यादा गड़बड़ी की आशंका शिकोहाबाद नगर क्षेत्र में दिखी। यहां छात्र संख्या के मुताबिक यू-डाइस प्रपत्र के लिए मांगी गई छात्र संख्या में एक हजार छात्रों का अंतर है। वहीं, स्कूल 19 ही हैं। उधर, शिकोहाबाद ब्लाक, जसराना, अरंाव, फीरोजाबाद ब्लाकों में भी चार से पांच हजार प्रत्येक ब्लाक में छात्र संख्या में गड़बड़ी निकल कर आ रही है। अन्य न्याय पंचायत क्षेत्र में भी छात्र संख्या घटी है। बीएसए ने कहा कि हमारे पास दोनों समय की मुहर लगी प्रधानाचार्य एवं एनपीआरसी की सूचनाएं हैं। गड़बड़ी कहा हैं। यह दो दिन में फार्मेंट पर जमा कर दें। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
...तो एमडीएम में गड़बड़ी की आशंका
प्रत्येक विद्यार्थी के हिसाब से ड्रेस के लिए चार सौ रुपये साल में आते हैं। अगर छात्र संख्या में चालीस हजार छात्र का अंतर आ रहा है तो प्रतिदिन वितरण होने वाले एमडीएम में भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। इस बार तो एमडीएम में फल, बर्तन का बजट भी अलग से जारी हुआ है।