आरोपी फर्जी फर्मों के माध्यम से डिलीवरी कंपनियों से ग्राहकों का निजी डाटा प्राप्त कर उनसे संपर्क करते थे। खुद को डिलीवरी कंपनी का एजेंट बताकर उनसे पार्सल डिलीवर करने के नाम पर रुपये अपने खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लेते थे।
पार्सल डिलीवरी के नाम पर दो साल में देश के अलग-अलग हिस्सों में 1500 लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर साइबर सेल थाना पुलिस ने सोमवार को दो बदमाशों को गिरफ्तार किया। गिरोह के तीन सदस्य अभी पकड़ से दूर हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
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गिरफ्तार दोनों आरोपी अंकित निवासी नगला धीर, एका, फिरोजाबाद और भीम निवासी कमालुद्दीनपुर थाना राजेपुर, फर्रुखाबाद हैं। दोनों फिलहाल गली नंबर-7 आजाद नगर, खोड़ा, गाजियाबाद में रहते हैं और वहीं जोमैटो कंपनी में डिलीवरी व्बॉय का काम करते हैं। यह गिरोह जस्ट डायल वेबसाइट से डाटा चुराकर ठगी को अंजाम देता था।
एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि साइबर सेल ने डिलीवरी कंपनियों के एजेंट बनकर इस गिरोह के सदस्यों का पता लगाया और पूरे मामले का भंडाफोड़ किया। आरोपियों की गिरफ्तारी भारत सरकार द्वारा संचालित समन्वय एवं प्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई है। दोनों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर लगभग दो दर्जन शिकायतें पंजीकृत हैं।
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गिरोह इस तरह से करता था वारदात
आरोपी जस्ट डायल वेबसाइट पर डिलीवरी कंपनियों के नाम से फर्जी फर्म बनाते थे। इन फर्जी फर्मों के माध्यम से डिलीवरी कंपनियों से ग्राहकों का निजी डाटा प्राप्त कर उनसे संपर्क करते थे और खुद को डिलीवरी कंपनी का एजेंट बताकर उनसे पार्सल डिलीवर करने के नाम पर रुपये अपने खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लेते थे। पैसा मिलते ही गिरोह के सदस्य तुरंत ग्राहक का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देते थे।
12वीं फेल है अंकित, पिता करते हैं खेती
साइबर सेल थाना इंस्पेक्टर राकेश सिंह ने बताया कि आरोपी अंकित 12वीं फेल है। उसके पिता खेती करते हैं। भीम और अंकित दोनों साथ में गाजियाबाद में रहते हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि इस गिरोह में तीन अन्य आरोपी भी शामिल हैं जो अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। उनकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार अंकित और भीम के पास से ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। खास बात यह है कि आरोपी ठगी के लिए अपने नाम पर पंजीकृत सिम का ही इस्तेमाल करते थे।