साइबर थाने की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए ठगी करने वाले आरोपी। स्रोत पुलिस
फिरोजाबाद। थाना साइबर क्राइम की टीम ने युवक को डिजिटल अरेस्ट कर खाते से 80 हजार रुपये की ठगी करने के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल सिम बरामद किया है। दोनों आरोपी राजस्थान में बैठकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। साइबर थाने की पुलिस को आरोपियों को पकड़ने के लिए राजस्थान पुलिस की मदद भी लेनी पड़ी थी।
थाना उत्तर के जलेसर रोड निवासी अनुज ने 16 मई को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि किसी ने पुलिस अधिकारी बन कर फोन किया और बताया कि तुम्हारे खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच चल रही है। गिरफ्तारी होने वाली है। पीड़ित डर गया तो आरोपियों ने उससे गिरफ्तारी से बचने के लिए एक लाख रुपये की मांग की। दहशत में पीड़ित ने बताए खाते में रकम स्थानांतरित कर दी। जब उसे ठगी का पता चला तो साइबर क्राइम थाने में मामले की शिकायत की। थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में राजस्थान में डींग जिले के देवकरन सिंह निवासी बड़ा थोक ग्राम थून, थाना नगर और गफ्फार खान निवासी ग्राम थून थाना नगर है। पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वे एक साथ मिल कर ठगी का काम करते हैं । हम अन्य राज्यों से फर्जी सिम मंगाते हैं एवं बैंक खाते किराये पर लेते हैं। इसके बाद फर्जी सिम से पुलिस, इन्कम टैक्स, जीएसटी आदि के अधिकारी बनकर लोगों को काल कर धमकाते हैं। इसके बाद धोखाधड़ी कर रकम खाते में स्थानांतरित करवा लेते हैं। पीड़ित से एक लाख रुपये की मांग की गई थी। लेकिन उसने 80 हजार रुपये ही दिए थे।
लाेकेशन से मिला था सुराग
थाना प्रभारी ने बताया कि 16 मई को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से पुलिस टीम आरोपियों का सुराग लगाने में जुटी थी। तभी पुलिस को एक आरोपी की लोकेशन मिल गई। लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम राजस्थान के लिए रवाना की गई थीं। मौके पर जाकर पता चला कि पूरा गांव यही काम करता है। राजस्थान पुलिस के सहयोग से दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की थी।