प्रेस वार्ता के दौरान तहसीलदार ने जिले में बड़े स्तर पर चल रहे कथित जमीन घोटाले का दावा भी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के बाबुओं और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की सरकारी जमीनों की बंदरबांट की गई है। इसे जनपद का सबसे बड़ा भू-घोटाला बताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
प्रशासनिक रार के बीच प्राथमिकी दर्ज
प्रशासनिक रार के बीच तहसीलदार राखी शर्मा ने टूंडला के ब्रजविहार कॉलोनी निवासी रंजित गुप्ता के विरुद्ध भी शिकंजा कसा। तहसीलदार की तहरीर पर पुलिस ने रंजित के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, मानहानि और आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। तहसीलदार का आरोप है कि रंजित अवैध कार्यों के लिए दबाव बना रहा था और असफल होने पर सोशल मीडिया के माध्यम से अधिकारी की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहा था।
प्रशासनिक की सफाईः तबादले से उपजा आक्रोश हैं तहसीलदार के आरोप
टूंडला तहसीलदार राखी शर्मा द्वारा उच्चाधिकारी पर लगाए गए भ्रष्टाचार और शोषण के आरोपों को जिला प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर निराधार और तबादले से उपजा आक्रोश करार दिया है। हालांकि प्रशासन ने यह सफाई जरूर जारी की है। मगर, इसे किसी के नाम-पदनाम के हवाले से नहीं दिया है। जिला प्रशासन की ओर से जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, राखी शर्मा का स्थानांतरण 16 अप्रैल 2026 को प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत अन्य तहसीलदारों के साथ किया गया था। प्रशासन का कहना है कि वे लगातार शासकीय कार्यों में लापरवाही बरत रही थीं और राजस्व परिषद के आदेशों की अवहेलना के चलते उन्हें पहले भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद नोटिसों का जवाब नहीं दिया, जो कर्मचारी आचरण नियमावली का सीधा उल्लंघन है। प्रशासन का दावा है कि तहसीलदार अपने विरुद्ध चल रही जांचों को प्रभावित करने के लिए ओएसडी शीलेंद्र शर्मा और अन्य अधीनस्थ कर्मचारियों पर मनगढ़ंत आरोप लगा रही हैं। वहीं, रंजीत के विरुद्ध प्राथमिकी न होने का उनका दावा भी गलत पाया गया है, क्योंकि पुलिस द्वारा मामला दर्ज किया जा चुका है।
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