जल निगम के 14.52 करोड़ के घोटाले की जांच थाना दक्षिण ने क्राइम ब्रांच के हवाले कर दी है। जांच ट्रांसफर होने के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम ने दोषी ठेकेदारों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कराने का प्रयास शुरू कर दिया है। टीम शीघ्र ही न्यायालय से वारंट जारी कराने का प्रयास करेगी।
जलनिगम की ओर से ग्रामीण अंचल में 752 टीटीएसपी की स्थापना होनी थी। इसके लिए 2008-09 से लेकर 2013-14 तक जिले को 47 करोड़ से अधिक धनराशि आवंटित की गई थी। डीएम विजय किरन आनंद को टीटीएसपी की स्थापना नहीं होने की शिकायत मिली तो सीडीओ सुजीत कुमार की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की गई। टीम ने जांच में 183 पेयजल टंकी बंद पाई और 40 टीटीएसपी मौके पर लगी नहीं मिली। इसके लिए दोषी 26 ठेकेदारों के खिलाफ थाना दक्षिण में डीडीओ आरके राम ने अभियोग दर्ज कराया। अभियोग दर्ज होने के साथ ही पुलिस ने ठेकेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। ठेकेदारों की गिरफ्तारी की शुरूआत होने के साथ ही भाजपा ने विरोध स्वरूप डीएम का पुतला दहन किया। इसके बाद जांच को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने जांच को थाना दक्षिण से हटाकर सीधे क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। क्राइम ब्रांच प्रभारी अतर सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपी ठेकेदारों के खिलाफ न्यायालय से वारंट लेने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे आरोपियों के खिलाफ 82 और 83 की कार्रवाई न्यायालय में शीघ्र ही दस्तक देंगे।
इन ठेकेदारों के खिलाफ दर्ज हुआ था अभियोग
डीडीओ आरके राम की तहरीर पर थाना दक्षिण में धारा 420 एवं 409 के तहत शैलेंद्र उर्फ शैलेश कुमार यादव, दलवीर ंसिह यादव,मैसर्स कृष्णा कंट्रक्शन, चंद्रप्रकाश, आरके एंड केके सप्लायर्स, जेएलएस कंट्रक्शन आगरा, कृष्णकांत उपाध्याय,मनोज कुमार मढ़ाई, प्रियाकंट्रक्शन, राधा ट्रेडर्स,साई गणेश इंटरनेशनल, राकेश बाबू असुआ, सुबोध यादव, कृष्ण कांत यादव,अबधेश यादव लेखराज, लक्ष्मीकांत गौतम, विजय ंसिह बौधाश्रम,अनुपम कृष्णा, पंकज शर्मा हिमायूंपुर, बनवारी लाल,आदेश कुमार, आरएन ट्रेडर्स,सुरेशबाबू पुष्कर,दाऊदयाल फर्म, आरके कंट्रेक्शन राजा का ताल भी शामिल हैं।