टीटीएसपी घोटाले में फंसे ठेकेदारों ने अब खुद बचाव का रास्ता खोजना शुरू कर दिया। उन्होंने प्रधानों की ओर से दिए गए प्रमाणपत्रों के साथ ही विभाग की ओर से मिले कार्यपूर्ति प्रमाणपत्रों को एकत्रित करना शुरू कर दिया है। जिससे वह अपना बचाव कर सकें। इसके पीछे ठेकेदारों का मकसद प्रशासन की विधिक कार्रवाई के बाद बचाव करना है। वह स्वयं अपने कार्यों का सत्यापन करने में जुटे हैं।
जिले में पेयजल की किल्लत को ध्यान में रखते हुए शासन ने हैंडपंपों के स्थान पर टैंक टाइप स्टेंड पोस्ट की स्थापना का निर्णय लिया था। इसी के तहत जिले में बसपा शासन में टीटीएसपी की स्थापना के लिए 47 करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया था। 753 टीटीएसपी की जांच डीएम विजय किरन आनंद के निर्देशन में सीडीओ सुजीत कुमार की अध्यक्षता वाली जांच टीम ने की तो उसे जिले में 41 टीटीएसपी नहीं मिलीं। 186 टीटीएसपी बंदथीं। जिले को साढ़े नौ करोड़ धनराशि ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित पेयजल टंकियों की मरम्मत को अलग से मिली थी। इन टंकियों की मरम्मत तथा टीटीएसपी स्थापना को मिलाएं तो करीब सवा चार करोड़ से अधिक की गड़बड़ी जांच टीम को मिली थी। जांच टीम ने जलनिगम के 20 ठेकेदारों को काली सूची में डाल अभियोग दर्ज कराने तथा तीन एक्सईन, चार एआई, छह जेई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की अनुमति शासन से मांगने को पत्र भेजा था। लेकिन ठेकेदारों के द्वारा कुछ सवाल उठाने के बाद डीएम ने टंकियों की मरम्मत की जांच को सात उपसमितियों का गठन किया है। उप समितियों ने जांच प्रारंभ कर दी है। विभागीय सूत्रों की मानें तो ठेकेदार भी अपने बचाव में जुट गए। वह पूर्व में प्रधानों की ओर से दिए गए प्रमाणपत्रों के साथ विभागीय रिकार्ड एकत्रित कर रहे हैं। ताकि अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रख सकें। टीटीएसपी यदि बंद हैं तो विभाग के पास बजट भी अवशेष हैं। बिजली के कनेक्शन के अभाव में कुछ टीटीएसपी चालू नहीं हो सकीं।
जलनिगम को टीटीएसपी को ऐसे मिला धन
वित्तीय वर्ष मिली धनराशि
2008-09 213.94 लाख
2009-10 213.94 लाख
2010-11 534.84 लाख
2011-12 1825.30 लाख
2013-14 1420.91 लाख
2013-14 591.92 लाख
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कुल धनराशि 4799.80श लाख
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टीटीएसपी मिला बजट खर्च अवशेष
753 4799.800 3849.090 950.71 लाख
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उप समितियों में यह अधिकारी शामिल
पेयजल टंकियों की मरम्मत की जांच करने के लिए डीएम विजय किरन आनंद ने जिन सात उप समितियों का गठन किया हैं उनमें सीडीओ सुजीत कुमार, डीडीओ आरके राम, पीडी डीआरडीए सर्वेशचंद्र यादव, एई डीआरडीए आरके श्रीवास्तव, एई आरईएस मोहम्मद शमीम, डीपीआरओ बनवारीलाल व जलनिगम निर्माण एक्सईन को शामिल किया है।
टीटीएसपी की जांच पूरी हो चुकी है। टंकियों की मरम्मत की जांच सात उप समितियों से कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आने के साथ ही सख्त कार्रवाई होगी।
सुजीत कुमार, सीडीओ फीरोजाबाद।