टूंडला की नयू रेलवे कालोनी मेंआंधी बारिश के बीच गिरा पेड़।
फिरोजाबाद/टूंडला। होली के बाद हल्की गर्मी के बीच शनिवार दोपहर अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज धूलभरी आंधी के साथ शुरू बारिश के बीच कई पेड़ टूटने के साथ टिनशैड उड़ गए। वहीं दुकानों, मकानों पर पड़े टिनशेड व कुछ स्थानों पर लगे पंडाल तक उड़ गए। इस बीच बाजारों में अफरा-तफरी रही। वहीं आंधी से सरसों व गेहूं की फसलों को नुकसान हुआ है।
होली के त्योहार के बाद यूं तो गर्मी ने अपना अहसास करा दिया था। किंतु होली के बाद लोगों को पंखे ही नहीं दोपहर में एसी तक चलाने पड़ गए। शनिवार सुबह लोग टहलने निकले तो आसमान में घटाएं घिरीं थी। हल्की हवाओं के बीच सर्दी का भी अहसास हो रहा था। दोपहर अचानक आसमान में काली घटाएं घिरीं। घटाओं के घिरने के कारण चहुंओर अंधेरा छा गया। वाहन चालकों को दोपहर में लाइट जलानी पड़ी। तेज हवा के साथ बारिश होना भी प्रारंभ हो गई।आंधी और बारिश के बीच जहां शहर के सदर बाजार में दुकानदारों के डिब्बे आदि उड़ गए। कई स्थानों पर टिनशैड एवं होर्डिंग तक उड़ गए। इसके कारण लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। जसराना क्षेत्र में बारिश हो गई। इधर टूंडला के न्यू रेलवे कालोनी, लाइनपार, बन्ना आदि क्षेत्रों में कई पेड़ टूट गए। इधर, बाजार में दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। फुटपाथ पर लगी दुकानों के सामान उड़ने पर वे समेटते नजर आए। वहीं दुकानदारों ने शटर आधे गिराते हुए धूल से बचाव किया। वहीं पैदल जा रहे राहगीरों ने भींगने से बचने के लिए दुकानों व ओवरब्रिज के नीचे खड़े हो गए। रामकथा, भागवत कथा में भी विघ्न पड़ गया। वहीं कई स्थानों पर लगे टैंट आदि उड़ गए।
फसलों को भी हुआ नुकसान...
आंधी के साथ आई बारिश से खेतों में पकी खड़ी सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। वहीं जिन किसानों ने गेहूं की फसलों में पानी लगाया था, वे खेतों में गिर गईं। किसान सरसों किसान बॉवी पाठक, गेहूं किसान अमर सिंह का कहना है कि आंधी बारिश से फसलों को हल्का नुकसान हुआ है। अगर यहां आंधी बारिश के साथ ओले गिरते या कुछ समय और होती तो बड़ा नुकसान होता।
तारों के टूटने से बिजली संकट भी गहराया
फिरोजाबाद। बदले मौसम का मिजाज के कारण बिजली का संकट भी गहरा गया। तेज हवा के कारण ग्रामीण अंचल में कई स्थानों पर बिजली के खबूे आदि के टूट जाने के कारण कई गांवों की आपूर्ति प्रभावित रही। बिजली विभाग की टीमें देर शाम तक लाइनों को ठीक करने मे जुटी थीं। संवाद