जनता पर मनमाने रूप से टैक्स लगाने में नगर निगम प्रशासन की मुश्किल बढ़ती जा रही है। लायर्स क्लब द्वारा दायर की गई याचिका पर हाईकोर्ट ने उप्र सरकार व नगर निगम को नोटिस जारी कर दिया है। इस मामले में 12 जनवरी 2016 को जवाबतलब किया है।
शासन द्वारा चार अगस्त 2014 को नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा दिया गया, जबकि नगर निगम प्रशासन ने 01 अप्रैल 2013 से स्वकर वसूलने का आदेश जारी कर दिया। यही नहीं प्रदेश के कई महानगरों से अधिक टैक्स वसूला गया। जनता ने इसका विरोध किया तो नगर निगम प्रशासन बैकफुट पर आ गया। टैक्स की दरें संशोधित की गईं लेकिन हजारों की संख्या में आपत्तियां आईं। नगर निगम के मनमाने आदेश के खिलाफ लायर्स क्लब ने जनआधार कल्याण समिति के माध्यम से वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मवीर सिंह, आशीष कुमार सिंह द्वारा हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूर्ण व न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने बुधवार को नगर निगम फीरोजाबाद तथा उप्र सरकार के विरुद्ध 12 जनवरी 2016 को सुनवाई के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
अधिवक्ताओं ने जनता से लड़ाई में मांगा सहयोग
लायर्स क्लब के सदस्य प्रभात कुमार नगीना, पंकज अग्रवाल, सुधीर माहेश्वरी, प्रवीन भटनागर, सुशील कौशिक, राजेंद्र यादव, अशोक शर्मा, धर्मसिंह यादव, आरिफ खान व जनआधार कल्याण समिति के सचिव प्रवीन शर्मा ने जनता से इस लड़ाई में सहयोग करने की अपील की है।