भैया दूज के दूसरे दिन यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई। भाई के घरों से लौट रही बहनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुभाष तिराहा सहित शहर के प्रमुख चौराहों पर सुबह से लगा जाम शाम तक नहीं खुल सका। लोग घंटों जाम के फंसे रहे। पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था को सुचारु करने का प्रयास करते लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली।
भैया दूज पर अधिकांश बहन भाइयों के घरों तक पहुंची थी। कोई पति के साथ तो कोई अकेले। रविवार को चौथ होने के कारण अधिकांश बहनें शनिवार को भाई के घर से विदा होकर गंतव्य को जाने के लिए निकलीं। इससे चौराहों पर भीड़ का दबाव बढ़ गया। डग्गामार से लेकर रोडवेज की बसों तक ने चौराहों से सवारियों को बैठाना शुरू किया तो हालात बिगड़ गए। प्रमुख चौराहे और मार्गों पर जाम लग गया। सुबह से लगा जाम शाम तक लगा रहा। इससे लोग कराह उठे। बंबा बाईपास से भले ही बड़े वाहनों को निकाला गया लेकिन छोटे वाहनों के लोड के कारण सुभाष तिराहा, नगलाबरी चौराहा, जाटवपुरी चौराहा, आसफाबाद पर लंबा जाम लग गया। नगला भाऊ चौराहे पर नाला रोड पर वाहनों के जाने के कारण जाम लगा रहा। पुलिस कर्मी जाम को कम कराने की कवायद करते लेकिन कोई सफलता नहीं मिल रही थी। आसफाबाद चौराहा पर ट्रैफिक पुलिस के साथ थानों का फोर्स भी तैनात था, हालात जस के तस बने रहे। कुछ यही हाल शहर के उन प्रमुख चौराहों का था जो गांव और देहात को जोड़ते हैं। कोटला चुंगी, जलेसर रोड चौराहा पर भी जाम के कारण लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा था।