फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण की बैठक में डीएम,नगर आयुक्त व अन्य अधिकारी। संवाद
फिरोजाबाद। जिलाधिकारी रमेश रंजन ने फिरोज़ाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जा रहे ट्रांसपोर्ट नगर योजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने इस परियोजना को नगर निगम के सहयोग से रेजिडेंशियल टूरिज्म के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। इसके तहत सड़कों की चौड़ाई 60 मीटर से अधिक रखने और होटल, रेस्टोरेंट व पेट्रोल पंप स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
मंगलवार को एफएसडीए सभागार में हुई बैठक में डीएम ने नगर आयुक्त ऋषिराज, नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय और नगर निगम व कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ टूंडला के नागऊ में विकसित किए जा रहे ट्रांसपोर्ट नगर के सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।
डीएम ने इस योजना को जमीनी स्तर पर साकार करने के लिए नियमित बैठकों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो किस्तें समय पर जमा नहीं कर रहे हैं, उन्हें डिफॉल्टर घोषित किया जाए और 25 प्रतिशत से कम भुगतान वाले आवेदनों को निरस्त किया जाए। आवंटित प्लॉटों के लिए आवंटियों से सहमति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।
परियोजना में 500 से 1000 वर्ग फुट के वेयरहाउस और अधिक लंबाई-चौड़ाई वाले कॉमर्शियल प्लॉट बनाने का भी प्रस्ताव है, ताकि होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप जैसी सुविधाएं आसानी से विकसित हो सकें। आवंटियों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए मानचित्र में बदलाव किए जाएंगे और लिखित आपत्ति देने वाले 114 आवंटियों को संशोधित मानचित्र दिखाया जाएगा।
पचवान कॉलोनी में भूमि अधिग्रहण को लेकर डीएम रमेश रंजन ने नाराजगी व्यक्त की। एसडीएम सदर सतेंद्र सिंह ने बताया कि 523 काश्तकारों में से केवल 37 के साथ ही समझौता हो पाया है। इस धीमी प्रगति पर डीएम ने कैंप लगाकर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। नगर मजिस्ट्रेट और एसडीएम को सभी काश्तकारों से समन्वय स्थापित कर रजिस्ट्री प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया गया।