फिरोजाबाद। स्वच्छ सर्वेक्षण- 2022 में शहर को टॉपटेन की सूची में शामिल कराने के लिए नगर निगम ने पहल शुरू कर दी है। लेकिन शहर में नेडा (नवीन एवं नवीनकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण) द्वारा संचालित शौचालयों की हालत खराब है। कहीं ताले पड़े हैं तो कहीं भवन जर्जर हैं। पानी की व्यवस्था और साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं है। रेट लिस्ट तक नहीं लगाई गई है। एक साल पूर्व दीवारों पर कराई गई पेटिंग भी बदरंग हो चुकी है। इस ओर न तो नगर निगम और न ही नेडा के अफसरों का ध्यान है।
मोहल्ला कोटला व मां राजराजेश्वरी कैला देवी मंदिर के समीप बने शौचालयों की स्थिति जहां ज्यादा खराब है वहीं संतनगर में बने शौंचालय की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। यह स्थिति स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में होने वाली रैकिंग में नगर निगम को पीछे कर सकता है।
संचालित शौचालय
बस स्टैंड, मां राजराजेश्वरी कैलादेवी मंदिर के पास, संतनगर पानी की टंकी के पास, कटरा सुनारान, करबला की पुलिया, जिला अस्पताल के पास सर्विस रोड, गांधी नगर शिवाजी मार्ग।
मोहल्ला कोटला स्थित राजा राम की पुलिया से स्टेशन रोड को जाने वाले मार्ग पर शौचालय में ताला लगा रहता है। राजा राम की पुलिया के समीप सुबह श्रमिक मंडी भी लगती है। वहीं आसपास कई फैक्टरियां भी है। शौचालय बंद होने से श्रमिक खुले में शौच करते देखे जा सकते है।
सुखबीर, निवासी लेबर कॉलोनी
शौचालय में पानी के पाइप की फिटिंग नहीं है। टंकी में पानी भरा रहता है। शौ करने के लिए डब्बे में पानी भरकर रखना पड़ता है। पानी की सही व्यवस्था न होने के कारण दुर्गंध आती है। सफाई भी संतोषजनक नहीं है। रामद्वार के समीप मजदूरों की मंडी लगने के साथ प्रमुख बाजार भी है। इसके बाद भी शौचालय की स्थिति ठीक नहीं है।
नदीम खां, निवासी रसूलपुर पानी की टंकी
नेडा द्वारा संचालित शौचालयों की साफ-सफाई और पानी की व्यवस्था के साथ अन्य कमियों को दूर करने के लिए नेडा के अफसरों से पत्राचार किया जाएगा। जिससे स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में नगर निगम को टॉपटेन की सूची में शामिल किया जा सके।
संजय कुमार चौहान, चीफ इंजीनियर, नगर निगम।