फिरोजाबाद। स्वच्छ भारत मिशन से जुडे़ क्रियाकलापों पर खर्च होने वाली धनराशि का भुगतान भी अब पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए होगा। नए नियमों के तहत शौचालय निर्माण, जागरूकता एवं अभियान आदि कार्यों पर खर्च के लिए जरूरी धनराशि अब सीधे ग्राम पंचायतों के खातों में भेजने पर रोक लगेगी।
अभी तक स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) के तहत शौचालय निर्माण, जागरूकता एवं स्वच्छता कार्यक्रमों के लिए जरूरी धनराशि सीधे ग्राम पंचायतों के खातों में भेजी जाती थी। लेकिन इस व्यवस्था में परिर्वतन किया गया है। शासन के निर्देशानुसार एसबीएम से जुडे़ कार्यों के लिए जरूरी धनराशि का भुगतान अब पीएफएमएस प्रणाली से ही होगा।
इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपना खास डौंगल तैयार करना होगा। नई व्यवस्था के संचालन के लिए पिछले दिनों लखनऊ में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसबीएम से जुडे़ दो समन्वयकों पुनीत निगम एवं दिनेश यादव ने भी भाग लिया।
एसबीएम फेस-2 में अब पीएफएमएस से ही होगा भुगतान
जिला ओडीएफ घोषित होने के बाद शौचालय विहीन परिवारों का सर्वे कराया गया था। इसमें लगभग 80 ग्राम-पंचायतों में फेस-2 के तहत 42 शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। पीएफएमएस प्रणाली लागू होने के बाद अब इन ग्रामों में भी शौचालय निर्माण को जरूरी धनराशि का भुगतान पीएफएमएस प्रणाली से ही होगा।