फीरोजाबाद। टीटीएसपी घोटाले में फंसे करीब दो दर्जन से ठेकेदारों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। मामले में अब पुलिस की जांच टीम की पहल पर प्रशासन ने टेक्निकल जांच के लिए अलग से टीम गठित की है। इसमें जलनिगम अस्थाई निर्माण खंड के एक्सईएन के साथ लघु सिंचाई विभाग के एई को शामिल किया गया है।
जलनिगम के टीटीएसपी स्थापना में प्रशासन की जांच टीम ने 14.52 करोड़ का घपला पकड़ा था। जांच में 40 टीटीएसपी मौके पर नहीं मिलीं थी। वहीं 183 बंद मिली थीं। बड़ी टंकियों के अनुरक्षण कार्य में ठेकेदारों और विभाग द्वारा मनमानी की गई थी। मामले में डीडीओ आरके राम की तहरीर पर 26 ठेकेदारों के खिलाफ अभियोग धारा 420 एवं 409 के तहत दर्ज कराया गया था। जलनिगम के चार एक्सईएन, आठ एई, नौ जेई के खिलाफ अभियोग की अनुमति को शासन को पत्र भेजा गया था। कुछ ठेकेदारों द्वारा अपने बचाव के लिए प्रदर्शन किया गया था। मामले की जांच थाना दक्षिण से क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित हो गई थी। पिछले दिनों जनपद न्यायालय में चार ठेकेदारों द्वारा जमानत अर्जी डाली गई थी लेकिन चारों को जेल जाना पड़ा। इधर, मामले की जांच कर रही पुलिस टीम के समक्ष टेक्निकल जांच में दिक्कत आ रही थी। पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव ने डीएम को पत्र लिखकर मामले की टेक्निकल जांच में अफसरों की मांग की थी। डीएम ने जांच कमेटी के अध्यक्ष एवं सीडीओ सुजीत कुमार को टेक्निकल टीम देने के आदेश दिए थे। डीएम के निर्देश पर जलनिगम अस्थाई निर्माण शाखा के एक्सईएन विक्रम प्रताप सिंह एवं सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग केके श्रीवास्तव को शामिल किया है। दोनों ही पुलिस की टीम की जांच में सहयोग करेंगे।
पुलिस अधीक्षक की मांग पर टेक्निकल जांच में पुलिस के सहयोग को एक्सईएन जलनिगम अस्थाई निर्माण खंड और एई लघु सिंचाई विभाग को टीम में शामिल किया गया है। मामले की जांच पुलिस टीम करेगी लेकिन ये टीम सिर्फ टेक्निकल जांच में सहयोग करेगी।
सुजीत कुमार सीडीओ फीरोजाबाद