फिरोजाबाद। जिले की बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं में थायराइड की समस्या देखने को मिल रही हैं। जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 100 से 150 गर्भवती महिलाएं परामर्श के लिए पहुंच रही हैं। इनमें 40 से 50 की थायराइड जांच कराई जा रही हैं। थायराइड में कमी होने से गर्भ में पल रहे नवजात पर भी असर पड़ सकता हैं। इसके लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ गर्भवती को प्रतिदिन परामर्श दे रही हैं।मेडिकल कॉलेज के सौ शैया अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 100 से 150 गर्भवती महिलाएं परामर्श लेने आ रही है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या चौधरी ने बताया कि थायराइड 0.4 से लेकर चार तक सामान्य होता है। इससे कम या ज्यादा होने पर गर्भवती के शरीर में बदलाव आने लगते हैं। थायराइड बढ़ने या घटने पर तेजी से वजन घटने या बढ़ने की समस्या बन जाती हैं। ओपीडी में आने वाली गर्भवती महिलाओं की थायराइड जांच कराने पर अधिकांश में आयोडीन की कमी भी मिल रही हैं। ऐसी गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान जोखिम उठाना पड़ सकता हैं। गर्भवती में थायराइड की कमी होने पर दवा देकर प्रसव करा दिया जाता है।
प्रतिदिन ओपीडी में परामर्श लेने और प्रसव कराने आ रही महिलाओं में थायराइड की समस्या देखने को मिल रही हैं। थायराइड की कमी होने पर नवजात के लिए खतरा बन सकता हैं। कमी को दूर करने के लिए सभी को उचित परामर्श एवं दवा दी जा रही हैं। - डाॅ. नवीन जैन, सीएमएस