फिरोजाबाद। एडीजे-1 नीलू मेघा की कोर्ट ने सोमवार को जानलेवा हमले के 9 साल पुराने मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला थाना लाइनपार से जुड़ा है। वर्ष 2017 में पुलिस ने अजय उर्फ बाबा, मन्नू उर्फ मनोज और सौतान सिंह निवासी नगला विष्णु, पीर पतंगा, थाना लाइनपार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। सोमवार को अदालत ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर तीनों अभियुक्तों अजय उर्फ बाबा, मन्नू उर्फ मनोज और सौतान सिंह को दोषी करार दिया। अदालत ने तीनों दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, 55 हजार जुर्माना
फिरोजाबाद। 8 साल पुराने दुष्कर्म के मामले में एडीजे एफटीसी-2 देवदत्त की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
मामला थाना जसराना क्षेत्र का है। वर्ष 2018 में पुलिस ने दुष्कर्म और मारपीट/चोट पहुंचाने की तैयारी के साथ घर में घुसने के मामले में मुकदमा दर्ज किया था। इसमें मैनपुरी जिले के थाना बरनाहल अंतर्गत गांव कनकपुरा निवासी भूरा उर्फ श्यामलाल को आरोपी बनाया गया था। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियुक्त भूरा उर्फ श्यामलाल को दोषी पाया। अदालत ने दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और कुल 55 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न चुकाने पर दोषी को 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। संवाद