- खादर में फसलों के डूबने की आशंका, किसान परेशान, अभी और बढ़ेगा जलस्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
टूंडला। भारी बारिश के बीच हथिनीकुंड व गोकुल बैराज से साढे़ तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से यमुना उफान पर है। यमुना का जलस्तर एक माह के अंदर तीसरी बार तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को यमुना का जलस्तर बढ़ते हुए यमुना के खादर की खड़ी फसलों में प्रवेश कर गया है। लगातार बैराजों से छोड़े जाने से आने वाले दिनों में बाढ़ जैसे हालात हो सकते हैं।
दिल्ली एनसीआर एवं पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के बीच हथिनी कुंड से पिछले चार दिनों में करीब तीन लाख क्यूसेक पानी एवं गोकुल बैराज से दो दिनों में करीब 14 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके चलते यमुना जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार सुबह तट्वर्ती गांव जटपुरा, रसूलाबाद, रामगढ़, नगला काले, नगला राजपति व ग्वारई के किसान यमुना पहुंचे तो हैरान रह गए। एक बार फिर खादर में खड़ी बाजरा, मक्का, ज्वार और सब्जियों की फसलों में पानी भरा हुआ था। अचानक करीब दो फीट तक पानी बढ़ गया था।
यमुना किनारे खादरों के कई खेतों में पानी भरा था तो कई के करीब पानी पहुंच गया था। खादर में खेती करने वाले किसान कांशीराम, कालीचरन, विनोद कुमार ने बताया, खेत में खड़ी बाजरे की फसल में पानी भर गया है। अगर अगले दो-तीन दिनों तक पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो हमारी पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी।
ग्वारई निवासी संत कुमार, संतोष धाकरे ने बताया कि यमुना में पानी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे उन्हें अपनी फसलों के नुकसान का डर सता रहा है। किसान लगातार यमुना के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही डूब रहीं फसलों को कच्चा ही काटकर पशुओं का चारा बना रहे हैं।