फिरोजाबाद। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिकोहाबाद सुब्रत पाठक ने अवैध शस्त्र बनाने के मामले में आरोपी को सुनवाई के बाद दोषी पाया। इस दौरान कोर्ट ने दोषी द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को सजा और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन अधिकारी सत्यप्रकाश मिश्रा ने बताया कि एका थाना क्षेत्र के नगला छत्तू गांव निवासी दाऊदयाल को पुलिस ने 19 फरवरी 1997 को अवैध शस्त्र बनाते गिरफ्तार किया था। इस दौरान आरोपी के कब्जे से निर्मित और अर्द्ध निर्मित शस्त्र के साथ उपकरण बरामद हुए थे। विवेचक योगेश कुमार ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियुक्त ने अपनी सामाजिक, पारिवारिक परिस्थितियों को बताते हुए न्यायालय से गुहार की कि वह बहुत गरीब व्यक्ति है और उसका कोई उचित पैरोकार नहीं हैं, छोटे-छोटे बच्चें जिनका भविष्य खराब हो रहा है। वह समाज की मुख्यधारा से जुड़कर एक अच्छे नागरिक के रूप में जीवन व्यतीत करेगा और अपराध की पुर्नावृत्ति नहीं करेगा। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिकोहाबाद सुब्रत पाठक ने मुकदमे के लंबित रहने का समय, अभियुक्त की परिस्थितियों और जेल में बिताई गई अवधि आदि पर विचार करने के बाद दाऊदयाल को दोषी पाते हुए जेल में बिताई गई अवधि के साथ दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
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हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद होने पर कारावास
फिरोजाबाद। अपर सत्र न्यायाधीश दीपा राय ने हत्या में प्रयुक्त होने वाले धारदार बरामद होने के मामले में ढ़ाई वर्ष कारावास के साथ पाॅच हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी भूपेंद्र राठौर ने बताया कि थाना खैरगढ़ क्षेत्र हिम्मतपुर निवासी नरेंद्र सिंह पुत्र बबलू सिंह ने 30 अगस्त 2018 को महेंद्र सिंह की हत्या में नामजद हुआ। बाद में आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार पुलिस ने बरामद किया था। उन्होंने बताया कि गत दिवस नरेंद्र सिंह को न्यायालय ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी, धारदार हथियार बरामद होने के मामले में ढाई वर्ष का कारावास एवं पाॅच हजार रुपये अर्थदंड आरोपित किया था। (संवाद)