पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट जमा कराने के अंतिम दिन बैंकों में भीड़ कम नजर आई। वहीं प्रमुख बैंकों के एटीएम चालू होने से आमजन को राहत मिली। बैंक अधिकारी अंतिम दिन जमा हुए पुराने नोटों की काउंटिंग करते नजर आए। हालांकि बैंकें कैश के अभाव में बचत खाताधारकों को 24 हजार का भी भुगतान नहीं कर सकीं।
पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट जमा कराने का शुक्रवार को अंतिम दिन था। पुराने नोट जमा करने के अंतिम दिन एक-दो लोग ही बैंक काउंटर तक पहुंचे। हालांकि लोग बैंक रूटीन में पैसा निकासी करने अवश्य पहुंचे। सदर बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में भीड़ काफी कम नजर आई। वहीं शहर के प्रमुख बैंकों के एटीएम चालू होने से लोगों को राहत मिली लेकिन बैंकों से लोगों को पर्याप्त नकदी नहीं मिल सकी। करबला चौराहा स्थित कैनरा बैंक की मुख्य शाखा में बचत खाता धारकों को चार हजार रुपये का ही भुगतान किया गया। एसबीआई शाखा मुख्य ब्रांच में कैश 19 दिसंबर से नहीं आया है लेकिन आगरा और कासगंज से कैश मंगाकर भुगतान किया गया। एसबीआई मैन ब्रांच ने शुक्रवार को बचत खाता धारकों को 24 हजार और चालू खाता धारकों को 50 हजार का भुगतान किया। इधर, बैंक में नई करेंसी के जमा होने की शुरूआत हो गई है। शाम चार बजे के बाद पुराने नोट लेना पूरी तरह से बंद ही कर दिया। बैंक के अधिकारी पुराने नोट काउंट करते दिखाई दिए।
जिले में कुल-166 बैंक शाखाएं।
जिले में कुल-125 एटीएम सेंटर।
बैंकों में हालात पहले से काफी हद तक सामान्य हुए है। कई बैंकों के एटीएम चालू होने से राहत मिली है। आरबीआई से नई करेंसी काफी कम मिलने के कारण 24 एवं 50 हजार के मानक के अनुरूप भुगतान नहीं हो सका है। उम्मीद है कि शीघ्र कैश मिलेगा।
सुरेंद्र कुमार
लीड बैंक प्रबंधक फीरोजाबाद।
पुरानी करेंसी आरबीआई भेजने की तैयारी
जिले की विभिन्न बैंकों में जमा पुराने पांच सौ और एक हजार के नोट सीधे आरबीआई भेजने की तैयारी की जा रही है। उम्मीद है जिले से करीब 50 करोड़ से अधिक नोट आरबीआई भेजे जाएंगे। एसबीआई मुख्य शाखा के प्रबंधक डीके वर्मा ने कहा कि अंतिम दिन पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोट कितने जमा हुए, की गिनती नहीं हो सकी है।