फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Firozabad: इन्फ्लूएंजा जांच के नहीं कोई इंतजाम, कोविड की जांच करके मरीजों को दी जा रही तसल्ली

Mon, 13 Mar 2023 09:29 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

फिरोजाबाद में इन्फ्लूएंजा की जांच के कोई इंतजाम नहीं हैं। आने वाले मरीजों को कोविड की जांच करके तसल्ली दी जा रही है। सोमवार को मेडिसन विभाग में 482 मरीज पहुंचे। इनमें से अधिकांश में इन्फ्लूएंजा के लक्षण मिले। लक्षण के आधार पर डॉक्टर मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
विज्ञापन
पर्चा बनवाने को लाइन में लगे मरीज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में खांसी, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे मरीज भी आ रहे हैं, जिन्हें बीस दिन से अधिक समय से खांसी आ रही है। इसके बाद भी इन्फ्लूएंजा संक्रमण के मरीज न होने के स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। 

विज्ञापन


हकीकत है कि इन्फ्लूएंजा की जांच जिले के मेडिकल कॉलेज और किसी निजी पैथोलॉजी पर इन्फ्लूएंजा की जांच की सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग सिर्फ कोविड जांच के नाम पर इन्फ्लूएंजा संक्रमण के लक्षण तलाश रहा है। चिकित्सक लक्षण के आधार पर ही खांसी, जुकाम का साधारण इलाज कर मरीजों को तसल्ली दे रहे हैं।

लगी रही मरीजों की लंबी कतार

सोमवार को मेडिकल कॉलेज में रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर ओपीडी तक मरीजों की लंबी कतार रही। मेडिकल कॉलेज में 1700 मरीजों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया। इसमें मेडिसन विभाग में इस सीजन की रिकार्ड दर्ज ओपीडी हुई। यहां 482 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। जबकि बाल रोग विभाग की ओपीडी में 247 मरीज पहुंचे। इसमें अधिकांश खांसी, जुखाम वाले मरीज थे। 

अस्पताल में जांच की सुविधा नहीं

इनमें कुछ लोगों में एच3एन2 इन्फ्लूएंजा के लक्षण वाले मरीज भी आ रहे हैं। किसी को 15 तो कोई 20 दिन से अधिक समय से पीड़ित है। अस्पताल में जांच की सुविधा न होने से इस बीमारी की पुष्टि नहीं हो पा रही है। ऐसे वायरस का संक्रमण मानकर मरीजों को दवा के साथ सावधानी बरतने को कहा जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज बढ़ गए हैं।

होली के बाद मौसम परिवर्तन से मरीज बढ़ जाते हैं। इन्फ्लूएंजा जांच के लिए अलग से इंतजाम नहीं है। कोविड जैसे लक्षण है, इसलिए कोविड की जांच कराई जा रही है। अभी तक इन्फ्लूएंजा का कोई मरीज नहीं मिला है। मरीज आता है तो हमारे पास पूरे इंतजाम है। -डॉ. श्याममोहन गुप्ता, सीएमएस मेडिकल कॉलेज

बीमारी के लक्षण

वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वरुण गुप्ता बताते हैं कि इन्फ्लूएंजा एक संक्रामक रोग है। इसके मुख्य लक्षण बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, सिर दर्द, उल्टी व बदन दर्द आदि होता है। इन्फ्लूएंजा संक्रमित रोगी के बात करने, खांसने, छींकने व सांस की बूंदों से फैलता है। यह बीमारी छोटे बच्चे, बुजुर्ग व गर्भवती महिलाओं को आसानी से अपनी चपेट में ले लेती है।
विज्ञापन

ऐसे बरतें सावधानी

इन्फ्लूएंजा वायरस ग्रस्त मरीज को ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करना चाहिए। गर्म पानी का सेवन ज्यादा अच्छा रहेगा। इन्फ्लूएंजा संक्रमण से पीड़ित को गर्म पानी से नहाना चाहिए। ऐसा करने से गले में जमा कफ पिघलता है। इसके अलावा स्टीम लेना बहुत असरकारक होता है। भांप लेने से सांस लेने में होने वाली दिक्कत में फायदा होता है। अजवाइन का पानी पीना चाहिए। इसके लिए अजवाइन को पानी में डालकर उबालें और जब पानी आधा रह जाए तो इस पानी को पिएं।

ये हैं लक्षण

खांसी , नाक बहना, गला सूखना, सिर दर्द, शरीर में दर्द, बुखार, सर्दी लगना, डायरिया होना, उल्टी आदि की शिकायत हो सकती है। इस फ्लू की कुछ लक्षण अन्य बीमारियों के समान ही है, जैसे सर्दी जुकाम होना। इसलिए केवल लक्षण देखकर पता लगा पाना मुश्किल होता है कि रोगी एन3एन2 वायरस के कारण फ्लू से पीड़ित है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें