फिरोजाबाद। मंगलवार की रात सरकारी ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ जाने से स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गईं। हालात ऐसे हो गए कि एक ही पलंग पर दो-दो मरीजों को भर्ती करना पड़ा। कई मरीजों को उसी स्थिति में ऑक्सीजन और ड्रिप लगाई गई।
ट्रॉमा सेंटर में सांस की समस्या, पेट दर्द और बीपी से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में पहुंचे। जगह की कमी के कारण मरीजों को फर्श और स्ट्रेचर पर भी उपचार देना पड़ा।
एक पलंग पर दो मरीज होने से संक्रमण का खतरा भी बना रहा। हालात तब और बिगड़ गए जब एंबुलेंस का ड्राइवर मौजूद न होने के कारण इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को सामान्य वार्ड में शिफ्ट नहीं किया जा सका। इससे इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त दबाव बना रहा और मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। सीएमएस डॉ. नवीन जैन ने बताया कि मरीजों की संख्या अपेक्षा से अधिक हो गई थी। संसाधनों की कमी के बावजूद सभी को उपचार देने का प्रयास किया गया। ड्राइवर की व्यवस्था शीघ्र कराने के निर्देश दिए गए हैं।