भैया-दूज पर सैकड़ों भाई और बहनों की ट्रेनें छूट गईं। भीड़ के चलते कोई टिकट नहीं ले पाया तो कोई ट्रेन में चढ़ नहीं पाया। ट्रेनें निर्धारित समय से काफी लेट चलीं।इनमें भी पैर रखने तक को जगह नहीं मिली।
मंगलवार को टिकट विंडो पर टिकट लेने के लिए लंबी कतारें लगीं थी। टिकट लेने में इतना समय लग रहा था कि टिकट लेकर यात्री प्लेटफार्म तक पहुंच भी नहीं पाए कि ट्रेन चल पड़ी। पेनाल्टी आदि की परवाह किए बिना जनरल की टिकट पर रिजर्वेशन कोच में यात्रा करने को मजबूर थे लोग। जनरल कोच के तो शौचालयों में भी यात्री थे। दो कोच के बीच की जगह और दरवाजों पर लटक कर यात्रा कर रहे थे यात्री। ट्रेनों में मारामारी के चलते बहुत से रेल यात्रियों को अपना टिकिट रद कराना पड़ा।
इन ट्रेनों में रही खूब भीड़
दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों में में पूर्वा एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, ऊॅंचाहार एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, लिच्छवीं एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस तथा डाउन में इंटरसिटी , जोधपुर-हावड़ा , महानंदा , नार्थईस्ट एक्सप्रेस, कालका मेल, गोमती , मरुधर एक्सप्रेस आदि के अलावा पैसेजर ट्रेनों में सर्वाधिक भीड़ रही। यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।