फिरोजाबाद। जिले में गांव की सरकार का कार्यकाल अगले 48 घंटों में समाप्त होने जा रहा है। 26 मई के बाद ग्राम प्रधानों का कार्यकाल तकनीकी रूप से खत्म हो जाएगा, लेकिन शासन ने अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इससे जिले के सभी 9 ब्लॉकों की 564 ग्राम पंचायतों में असमंजस का माहौल है। हर किसी के जेहन में यही सवाल है कि आगे विकास कार्यों की कमान किसके हाथ में होगी।
पंचायत चुनाव समय से न होने के कारण वर्तमान प्रधान ही अब तक कुर्सी पर काबिज हैं। अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर कार्यकाल बढ़ाने की मांग की है। दूसरी ओर, शासन स्तर पर एडीओ पंचायतों को प्रशासक बनाने और ग्राम पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी पर मंथन चल रहा है।
शासनादेश की सटीक जानकारी के लिए प्रधान संगठन के पदाधिकारी लखनऊ से लेकर जिला पंचायतीराज विभाग के लिपिकों तक लगातार फोन खटखटा रहे हैं। इधर, कार्यकाल के अंतिम दिनों में ग्राम पंचायतों में बजट खपाने की होड़ मची है। मनरेगा समेत अन्य योजनाओं के रुके हुए भुगतानों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है ताकि कोई काम अधूरा न रहे।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ेगा या प्रशासक नियुक्त होंगे, यह पूरी तरह शासन तय करेगा। लखनऊ से जो भी दिशा-निर्देश जारी होंगे, जिले में उसी के अनुरूप तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
- अरुण कुमार अत्री, जिला पंचायत राज अधिकारी