सुहागनगरी का हाल निगम की लापरवाही के कारण बिगड़ गया है। हर चौराहे पर हालात बद से बदतर है। सड़कों पर जानलेवा गड्ढे यातायात के लिए मुसीबत बने हुए हैं। करीब सात लाख आबादी वाले शहर फीरोजाबाद में ट्रैफिक के आवागमन के लिए आज भी वही संसाधन हैं, जो वर्षों पहले थे। दो दशक पहले शहर के सड़कों की जो चौड़ाई थी, वही आज हैं। आवागमन को सुचारु बनाने के लिए शहर के किसी भी चौराहे का विकास नहीं हो सका है। यही हाल जिले भर में है। बीते कुछ वर्षों में जिले की कई सड़कों का चौड़ीकरण तो हुआ पर सुरक्षित यातायात के लिए जरूरी संसाधन का विकास सड़क पर नहीं हो सका।
तेज रफ्तार-ट्रैफिक दबाव पड़ रहा भारी
वाहनों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि और रफ्तार से कदम ताल कर रहे युवा सड़कों पर मौत का पैगाम लेकर घूम रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो सड़क हादसे में प्रतिवर्ष मौत के मुंह में समाने वालों में 70 फीसदी लोग 15 से 35 आयु वर्ग के हैं। युवा काल में ही नशे को हमसफर बनाने वाले वाहन चलाने के दौरान भी सतर्क नहीं रहते।
दुर्घटना के मूल कारण
तेज गति, मद्यपान, अकुशल ड्राइ¨वग, अनफिट वाहन, खराब सड़क, खराब मौसम, नींद में वाहन संचालन, ओवर टेक, गलत लेन में वाहन संचालन, फिसलन, खतरनाक ढंग से वाहन संचालन, संकेत उल्लंघन, मोबाइल वार्ता और ईयर फोन से गाना सुनते वक्त वाहन संचालन, शारीरिक अपंगता अथवा अक्षमता, ओवर लो¨डग, स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रीट का अभाव, रोड पर अतिक्रमण, अंधेरा, बिना डिपर तेज रोशनी, गलत पार्किंग, नो इंट्री जोन में इंट्री, रोड साइन, रोड मार्क, नो रियेक्टर, मानव रहित रेलवे क्रा¨सग, आवारा पशु, जलभराव, खुले सीवरहॉल, अकस्मात यांत्रिक खराबी, यातायात नियम की अवहेलना, दौड़ और गति से मुकाबला।
दुर्घटना के निवारण
एसपी सिटी उदय शंकर सिंह का कहना है कि सतर्कता यातायात में सुरक्षा कवच की तरह है। चालक यातायात नियमों का पालन करे तो हादसे भी कम होंगे। इसमें धीमी गति, वाहन चलाने के दौरान मद्य निषेध, ड्राइविंग ट्रेनिंग, फिट वाहन, अच्छी सड़क, उचित सतर्कता, थकान में वाहन न चलाएं। सही लेन में संचालन, देख कर ओवर टेकिंग, उचित सतर्कता, धीमी गति, सही संचालन, संकेतों का पालन, पूर्ण ध्यान से ड्राइविंग, लोडिंग लिमिट, स्पीड सीमित, अतिक्रमण मुक्त रोड, सही लाइट, डीपर का प्रयोग, सुरक्षित पार्किंग, नो इंट्री जोन में प्रतिबंध, रोड साइन रोड मार्क रियेक्टर, उचित सतर्कता, उचित सावधानी, वाहन संचालन से पहले निरीक्षण, नियमों का पालन, सीमित गति का पालन करें।
अधिकांश चौराहों पर काल का कारण बने गड्ढे
फीरोजाबाद शहर के अधिकांश चौराहों पर मेनहोल खुले हैं। यदि बंद हैं तो उन पर बेतरतीब पटियां रखकर बंद करने की औपचारिकता की गई है। बेपरवाह निगम के लापरवाह अधिकारियों के कारण मेनहोल हादसों का कारण बन रहे हैं। आए दिन इनमें गिरकर, टकराकर लोग चोटिल हो रहे हैं लेकिन निगम इस बात से बेखबर है। निगम के कर्मचारी जानकारी के बाद भी इन पर ध्यान नहीं देते। दिन भर शहर की सड़कों से गुजरने वाले अधिकारी भी इससे दो चार होते हैं लेकिन उनका भी ध्यान इस ओर नहीं जाता।