जसराना तहसीलदार पंकज वर्मा एवं वकीलों के बीच हुआ विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को जिले की चारों तहसीलों से लेकर कलक्ट्रेट तक में कामकाज नहीं हुआ। फरियादी बैरंग लौटने को मजबूर हो गए। कर्मचारियों ने ताले डाल दिए। अधिवक्ताओं ने तहसीलदारों के न्यायालय के बहिष्कार का निर्णय लिया है।
उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ शाखा जिला फीरोजाबाद ने तहसीलदार पंकज वर्मा से अभद्रता के विरोध में मंगलवार को कामकाज ठप रखा। डीएम के आगरा मीटिंग में जाने के कारण कर्मचारियों ने मुख्यालय के मुख्य गेट को बंद कर दिया। अधिकारी अपने कक्षों में खुद ही काम निपटाते दिखे। पूर्ति विभाग, आबकारी, मनोरंजन, न्यायालय, लोकवाणी, चकबंदी के साथ ही स्टांप आदि कार्यालयों में काम बंद रहा। रवींद्र भदौरिया की अध्यक्षता में आहूत बैठक में नामजद अधिवक्ता बलवीर एवं नंदकिशोर की गिरफ्तारी की मांग की गई। प्रशासनिक अधिकारी अनिल साराभाई, मंडलीय मंत्री अजीत उपाध्याय, संरक्षक मुकेश चौहान, जिलाध्यक्ष दौजीराम, जोनल मंत्री यादव कुमार तोमर, शकीलउर्रहमान, रवींद्र सिंह, सौरभ गुप्ता, आलोक सक्सेना, राजेंद्र खन्ना, शैलेंद्र शर्मा, विजेंद्र गुप्ता, संजय कुमार, सत्येंद्र कुमार, अकील अहमद, अरविंद शुक्ला, राजेंद्र सिंह, विनोद कुमार, रवींद्र सोलंकी, वीरपाल आदि शामिल थे। इधर, सदर तहसील में नायब तहसीलदार संघ, लेखपाल संघ, अमीन संघ, कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने संयुक्त रूप से काम बंद रखा। तहसीलदार से अभद्रता को अंजाम देने वाले अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी की मांग की। तहसीलदार जीत सिंह राय, नायब एनराम, केएम दीक्षित, शीलेंद्र शर्मा, लेखपाल संघ के विजेंद्र सिंह, अमीन संघ के जिलाध्यक्ष सोबरन सिंह, कानूनगो संघ के विनोद कुमार आदि शामिल थे।
अखाड़ा बनीं तहसील, वादकारी परेशान
जसराना (ब्यूरो)। जसराना में अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों के बीच की खाई बढ़ रही है। एक ओर लेखपाल संघ, अमीन संघ एवं मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी तक आंदोलन का ऐलान किया है वहीं तहसीलदार के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने के लिए अधिवक्ताओं ने कमर कस ली है। दोनों की लड़ाई में नुकसान तहसील में आने वाले फरियादियों का हो रहा है।
जसराना में तहसीलदार एवं अधिवक्ताओं के बीच लड़ाई में वादकारियों के साथ अन्य कार्यों से तहसील में आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। अधिवक्ताओं के विरोध में जहां कर्मचारियों ने तहसीलदार पंकज वर्मा के नेतृत्व में तालाबंदी कर तहसील में धरना दिया। लेखपाल संघ के अध्यक्ष पवन यादव, मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सतेंद्र सिंह यादव, संग्रह अमीन संघ के अध्यक्ष सिलेटी सिंह ने कहा तहसीलदार पंकज वर्मा के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी दो दिन में की जाए। दो दिन में गिरफ्तारी न होने पर संघ उग्र आंदोलन करेंगे। वहीं बार अध्यक्ष ओमकार सिंह यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने बार हॉल में बैठक की। उन्होंने कहा कि तहसीलदार ने गलत तरीके से फैसला देने के बाद भी अधिवक्ताओं के पक्ष को नहीं सुना। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले तहसीलदार ने उल्टा अभियोग दर्ज कराया जाएगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि अभियोग दर्ज होने तक आंदोलन होगा।
तहसीलदार के खिलाफ दर्ज करें मुकदमा
फीरोजाबाद (बर्यूरो)। जिला रेवेन्यू बार एसोसिएशन की बैठक में जसराना की घटना की निंदा करते हुए कहा कि विवाद की जड़ राजस्व न्यायालय में पनपा भ्रष्टाचार है। प्रत्येक अदालत में तैनात कर्मचारी के पास आय से अधिक संपत्ति है। कार, कोठी, असलाह सभी कुछ कर्मचारियों के पास है। इनकी भी जांच होनी चाहिए। हड़ताल से स्पष्ट हो गया कि कर्मचारी, अधिकारी के बीच कितना गठजोड़ है। यही कारण है वादकारियों को न्याय नहीं मिल पाता है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ऐसे कर्मचारियों का वेतन काटने की मांग की। बैठक मं पुत्तू सिंह जादौन एडवोकेट, सुमनचंद्र जैन एडवोकेट, प्रदीप कुमार रायजादा, सतीशचंद्र कुलश्रेष्ठ, हेमेंद्र यादव आदि शामिल थे। रेवेन्यू बार एसोसिएशन एवं तहसील बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक भीकमपाल गौतम की अध्यक्षता में हुई। जसराना तहसील में अधिवक्ताओं के खिलाफ अभियोग के दर्ज किए जाने पर रोष व्यक्त किया। तहसीलदार जसराना ने न्याय प्रक्रिया को ताक पर रखकर फैसला किया है, निंदनीय है। अधिवक्ताओं की तहरीर पर तहसीलदार के खिलाफ ही अभियोग दर्ज करके निलंबित किया जाए। यदि मांगों को नहीं माना तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। संचालन गजेंद्र सिंह बौद्ध ने किया। सत्यप्रकाश पिप्पल, अतिवीर सिंह, अशोक शर्मा, विनोद यादव, राजेंद्र सिंह बघेल,चरन सिंह यादव, विजय प्रकाश यादव, प्रमोद श्रीवास्तव, रामकुमार मिश्रा, सुभाषचंद्र जैन, रत्नेश कुमार सिंह आदि शामिल थे।
रिपोर्ट वापस नहीं हुई तो उग्र आंदोलन
जसराना के अधिवक्ताओं के समर्थन में टूंडला में भी हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
टूंडला। जसराना तहसील के अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मामले में बार एसोसिएशन टूंडला द्वारा तहसील में हड़ताल रखी गई।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुभाष बाबू बघेल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने हड़ताल करते हुए कहा कि जसराना के अधिवक्ताओं के विरुद्ध तहसीलदार द्वारा जो रिपोर्ट दर्ज कराई गई है उसे वापस लिया जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो जनपद के समस्त अधिवक्ताओं द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। पूर्व अध्यक्ष विजेंद्रवीर सिंह, सुधाकर उपाध्याय, रविंद्र सिंह, नरसिंहपाल सिंह, वेद प्रकाश भारद्वाज, रूमाल सिंह यादव, चौब सिंह आर्य, योगेश स्वरूप भटनागर, मुकेश यादव, रजनीश शर्मा आदि थे।
तहसीलदार जसराना के विरुद्ध वकीलों का प्रदर्शन
शिकोहाबाद। जसराना प्रकरण को लेकर रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए नारेबाजी की।
अधिवक्ताओं के विरुद्ध झूठी एफआईआर दर्ज कराने पर रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं में आक्रोश था। न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए तहसीलदार जसराना के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया गया। बार अध्यक्ष अशोक कुमार यादव ने कहा कि जसराना में हमारे साथी अधिवक्ताओं के विरुद्ध तहसीलदार जसराना ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई है। वह अधिवक्ताओं को दबाव में लेना चाहते हैं। वहीं जिला प्रशासन के संरक्षण में कर्मचारी अवैध तालाबंदी कर मामले को तूल दे रहे हैं। जसराना के अधिवक्ताओं के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया। मांग की गई कि तहसीलदार जसराना झूठी एफआईआर वापस लें नहीं तो अधिवक्ता कड़ा कदम उठाने को बाध्य होंगे। शिवेंद्र यादव, वेदप्रकाश यादव, कपिल श्रीवास्तव, केपी सिंह, रक्षपाल सिंह, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, दिनेश सिंह, चंद्रकांत, महेश कुलश्रेष्ठ, शिवकुमार शर्मा आदि थे।