फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुहागनगरी में ही लिखी गई विशेष अधिवेशन की पटकथा

Fri, 30 Dec 2016 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूूराे, फीराेजाबाद
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
 तीन जनवरी को सपा का विशेष अधिवेशन बुलाने की पटकथा सांसद रामगोपाल यादव ने गुरुवार को फीरोजाबाद से लिखना शुरू कर दी थी। इसके लिए पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के आवास पर कार्यकर्ताओं को बुला कर हस्ताक्षर भी कराए गए।
विज्ञापन

सांसद रामगोपाल यादव गुरुवार को फीरोजाबाद में थे। उन्होंने कठफोरी में कई योजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने मंच से यह दर्द भी बयां किया था कि हमारे ही दल में कुछ शक्तियां ऐसी हैं, जो अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री नहीं बनने देना चाहती। मुलायम की प्रत्याशियों की सूची के बाद यह तय हो गया था कि घमासान अब चरम पर है। रामगोपाल यादव ने जिले के कुछ वरिष्ठ नेताओं से गुफ्त-गू की थी और आगे की रणनीति का इशारा भी कर दिया था। अपने खास लोगों को बता दिया था अब हालात विशेष अधिवेशन बुला कर बड़ा फैसला लेने के हो गए हैं। रामगोपाल यादव यहां से फर्रुखाबाद चले गए थे। शुक्रवार सुबह रामगोपाल यादव का एक विश्वासपात्र कार्यकर्ता एक पत्र लेकर शहर में आया। यह कार्यकर्ता अखिलेश यादव समाजवादी फ्रंट से जुड़ा हुआ है। इस पत्र पर जिले के करीब ढाई सौ पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम थे। इस पत्र पर इन कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर रामगोपाल यादव ने मंगाए थे। प्रो. रामगोपाल यादव का विशेष दूत इस पत्र को लेकर एक पूर्व विधायक के आवास पर पहुंचा। यहां सपा के एक एमएलसी भी मौजूद थे। यहां उन कार्यकर्ताओं को फोन करके बुलाया गया जिनके नाम पत्र पर थे, इन कार्यकताओं से हस्ताक्षर कराए गए। यह पत्र विशेष अधिवेशन से जुड़ा था और पार्टी फ्रंट पर अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं का संवैधानिक समर्थन हासिल करने की यह कवायद थी।

अखिलेश यादव समाजवादी फ्रंट भी रणनीति का हिस्सा
जिला संगठन से जब रामगोपाल यादव के समर्थकों की छुट्टी की गई तो जिले में अखिलेश यादव समाजवादी फ्रंट की नींव पड़ी। इस फ्रंट से रामगोपाल यादव के समर्थक जुड़ते गए। यह फ्रंट भी रामगोपाल बनाम शिवपाल यादव की जंग का हिस्सा था।
विज्ञापन
विज्ञापन



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें