आगरा के धर्मांतरण के विरोध में सुहागनगरी के उलेमा ने शहर मुफ्ती अब्दुल अलीम ईसा की अध्यक्षता में बैठक की। जिले के करीब सौ उलेमा शरीक हुए। सभी ने आगरा में हुए धर्मांतरण की निंदा की। कहा, प्रदेश सरकार इन फिरकापरस्त ताकतों पर निगरानी रखे। हमें देहात क्षेत्र के उन मुसलमानों की चिंता करनी है जो काफी कम संख्या में और गरीब तबके के हैं।
सदर बाजार स्थित मस्जिद मेवा फरोशान में आयोजित बैठक में शहर मुफ्ती अब्दुल अलीम ईसा ने कहा आगरा में धर्मांतरण की कार्रवाई निंदनीय है। एक मंसूबे के तहत सियासी पार्टी माहौल खराब करने के लिए सब कुछ कर रही है। मौलाना सफी कासमी ने कहा इस्लाम की दुश्मन ताकतें पहले भी धर्मांतरण कराती रही हैं।
हम ईमान पर पुख्ता रहें और दूसरों को भी महफूज रखने की कोशिश करें। मुफ्ती तनवीर अहमद ने कहा हुजूर ने फरमाया कि गरीबी इंसान को कुफ्र में मिला देती है। इस वक्त मुसलमानों के हालात खराब हैं, इसलिए लालच देकर लोग गलत काम करवाना चाहते हैं। मुफ्ती रजी ने कहा शहर से हटकर हम सभी उलेमा को आस-पास के देहातों की फिक्र करना चाहिए जहां कम तादाद में मुसलमान रहते हैं।
मौलाना आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा सरकार से हासिल होने वाली बुनियादी चीजों और रियायतों एवं सरकारी स्कीमों को सार्वजनिक किया जाए। ताकि गरीबों को इन रियायतों का लाभ मिल सके। दूसरे लोगों के लालच एवं धोखे से लोग भी बच सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसी को धर्म परिवर्तन करने को बाध्य करना तो उच्चतम न्यायालय के निर्णय की भी अवहेलना है। मामले की जांच करके दोषियों के खिलाफ सार्वजनिक कार्रवाई की जाए।
मौलाना इश्तियाक ने कहा कि हुकूमत को भी इस मामले में फिक्रमंद होना चाहिए। बैठक में मौलाना राशिद, मो. हुजैफा, मो. इलियास, मो. कासिम रजी, मो. अमीन अख्तर, मो. अब्दुल हलीम, मो. नईमउद्दीन, मो. अकरम मुस्तफा, मो. आदम मुस्तफा, मो. अबरार, मो. हारुन सहित जिले भर के उलेमा शामिल हुए।