टूंडला में बूंदाबांदी के बीच लहलहाती गेहूं व सरसों की फसलें
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फिरोजाबाद। बुधवार की रात से मौसम बदल गया। बृहस्पतिवार को सुबह तक रुक-रूक कर रिमझिम बारिश होती रही। दोपहर को कभी धूप निकली तो कभी घटाएं घिर आयीं। किसानों का कहना है कि बारिश यदि तेज हुई तो आलू, सरसों और मिर्च की फसल को नुकसान होगा।
किसानों का कहना है कि मौसम शुष्क होने से गेहूं की बाल में दाना नहीं पड़ेगा। इससे गेहूं की पैदावार प्रभावित होगी। किसानों का कहना है कि जिले के 60 प्रतिशत कृषि क्षेत्र में आलू की फसल होती है। बरसात होने से आलू जमीन के अंदर सड़ने लगेगा। वहीं सरसों की बाल गिरने के साथ ही मिर्च की फसल भी प्रभावित होगी।
- रिमझिम बारिश से आलू की खेती पर किसी तरह का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यदि तेज बारिश हुई तो, तो आलू मिट्टी के अंदर ही सड़ जाएगा। किसान सोनू, गांव खेडा खुर्द।
- मौसम परिवर्तन का असर गेंहू की खेती पर पड़ रहा है। गर्मी के कारण गेंहू की बाल में दाना नहीं पड़ेगा। जिससे पैदावार प्रभावित होगाी। मौसम का ठंडा रहना आवश्यक है। किसान चतुर सिंह, गांव खेड़ा खुर्द।
- रिमझिम बरसात मिर्च की खेती के लिए काफी नुकसान दायक साबित हो सकती है। बरसात से मिर्च का फूल झड़ जाएगा। इस समय मौसम साफ रहेगा तो पैदावार अच्छी होगी। - किसान विजय प्रताप, राजपुर ।
- मौसम में अचानक परिवर्तन से आलू का पत्ता पीला पड़ने लगा है। इससे आलू जमीन के अंदर ही सड़ने की संभावनाएं हैं। अब आलू पकने की स्थिति में है। मौसम ने साथ छोड़ा दिया तो पूरी मेहनत खराब हो जाएगी। -किसान धनपाल, राजपुर।