दो दिन की बेमौसम बारिश ने अन्नदाता के आंसू निकाल दिए। खेतों में आलू की
फसल खुद जाने के कारण हरा हो जाएगी तथा जिन क्यारियों में पानी भरा है वहां
आलू सड़ने की संभावना बढ़ गई। गेहूं, जौ और सरसों की फसल खेत में गिरने के
कारण पैदावार 20 प्रतिशत तक प्रभावित होगी।
बेमौसम बारिश का क्रम
सोमवार को जारी रहा। बारिश के कारण किसानों को आलू खोदाई का काम बंद करना
पड़ा। खुदे आलू के लगे ढेरों पर पानी भरने के कारण गुणवत्ता प्रभावित होगी।
बड़ी संख्या में बोरों में भरा आलू दोबारा से खोलना पड़ेगा। जिन खेतों में
आलू की क्यारियों से मिट्टी ढह गई वह हरा हो जाएगा। वहीं जिन क्यारियों
में पानी भरा है उसके सड़ने और गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। खुदे पडे़ आलू
के काले पड़ने की संभावना से किसान परेशान हो गए हैं। गेहूं, जौ व सरसों की
फसल बारिश और तेज हवाओं के चलते खेत में ही पलट गई।
इससे किसानों को काफी
नुकसान हुआ है। जसराना व फरिहा में आलू गेहूं पर बराबर असर दिखाई दिया।
नारखी क्षेत्र में आलू के साथ मिर्च की फसल पर बारिश ने असर डाला। खैरगढ़
एवं टूंडला क्षेत्र के किसान भी चिंतित दिखे। यहां यमुना की तलहटी वाले
इलाकों में बारिश के साथ हवा का सर्वाधिक असर दिखाई दिया।
- किसान
जितेंद्र सिंह ने कहा बेमौसम बरसात ने आलू की फसल को बर्बाद कर दिया। आलू
हरा होगा ही पानी भरने के कारण सड़ने की संभावना अधिक है। गेहूं व जौ की
फसल गिरने के कारण प्रभावित हुई है।
- नगला करौंदा निवासी सतेंद्र सिंह
कहा कि गेहूं एवं जौ की फसल खेतों में गिर गई। खेतों में पानी भरने के
कारण ही पैदावार प्रभावित होगी। खेत में सूखा से कीड़ा लगने की संभावना है।
- झपारा के अशोक यादव ने कहा कि दो दिन की बारिश से खेतों में पानी भर
गया। आलू की क्यारियों में पानी भरने के कारण सड़ने की संभावना है।
निचले इलाकों में भरा पानी
बारिश
के कारण शहरी क्षेत्र में लोग भुगते हुए सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों
में पहुंचे। बाजार देर से खुला और निचले इलाकों में जलभराव दिखाई दिया।
शिवाजी रोड, जलेसर रोड, चंद्रवारगेट, पेमेश्वर गेट रेलवे पुल के नीचे व
सर्विस रोड पर नगला बरी से जाटवपुरी चौराहे तक पानी भरा दिखाई दिया। वहीं
परीक्षा छूटने के कारण हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं भी भीगते हुए घर लौटे।
निगम के प्रांगण, बिजली कार्यालय, जिला अस्पताल में पानी भरने के कारण
लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
धूप खिली तो मिली राहत
दोपहर
डेढ़ बजे धूप निकली थी लेकिन घटाओं के घिरने के कारण अन्नदाता हैरान था।
तीन बजे के बाद आसमान साफ हुआ तेज धूप खिली तो हर किसी ने राहत महसूस की।